योगी आदित्यनाथ ( फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
West Bengal Elections 2026: बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी दक्षिण विधानसभा में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने बंगाल की वर्तमान स्थिति पर पूर्व की कांग्रेस, वामपंथी और वर्तमान TMC की सरकार को घेरा। उन्होनें ने कहा कि यही बंगाल जो कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था, भारत की अर्थव्यवस्था में जिस बंगाल का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक था। उसे कांग्रेस, वामपंथी और TMC सरकार ने नोच डाला। बंगाल को कंगाल बनाकर रख दिया है।
जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां पर भ्रष्टाचार इस हद तक होता है कि गरीबों के हक का पैसा कटमनी में TMC के गुंडे खा जाते हैं। मछुआरों और किसानों के साथ सिर्फ झूठे वादे किए जाते हैं। यहां विकास नहीं केवल वसूली का तंत्र हावी है। उन्होनें कहा कि कभी शिक्षा, संस्कृति, कला और उद्यम की भूमि रहा बंगाल आज अपनी पहचान के लिए मोहताज है।
#WATCH | कंठी दक्षिण, पूर्व मेदिनीपुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "वही बंगाल जो कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था, भारत की अर्थव्यवस्था में जिस बंगाल का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक था, आज पहले कांग्रेस ने, फिर… pic.twitter.com/5jsElH3OGR — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 12, 2026
पश्चिम बंगाल के 34 साल पुराने वामपंथी शासन को हटाकर 2011 में ममता बनर्जी ने शासन सत्ता हासिल की थी। तब से राज्य में लगातार ममता बनर्जी की सरकार मजबूती से बनी है। एक समय प. बंगाल वामपंथियों का मजबूत गढ़ हुआ करता था। वर्तमान में पूरे देश में केरल ही एकमात्र राज्य है, जहां अभी वामपंथ विचारधारा शासन में है।
ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होने और नई पार्टी बनाने के बाद से राज्य में कांग्रेस का पतन शुरू हो गया और आज कांग्रेस राज्य में अपनी खोई हुई जमीन पाने के लिए लगातार संघर्ष करती दिख रही है। राज्य में बीजेपी के उभार ने कांग्रेस को और पीछे ढकेल दिया। बीजेपी अब यहां की मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है। राज्य में अब कांग्रेस का मजबूत संगठन भी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के लिए बंगाल चुनाव बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
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आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल एक साथ चुनाव लड़े थे। लेकिन इसी महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में ये दल एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।