West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 6 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान से पहले जिला प्रशासन की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, जिससे पार्टी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि टीएमसी ने इस पर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। दूसरी ओर, भाजपा ने भी अब तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन पार्टी ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। नंदीग्राम वही सीट है, जहां 2021 में ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में यह उपचुनाव एक बार फिर बंगाल की राजनीति का हाई-वोल्टेज मुकाबला बनने की ओर बढ़ता दिख रहा है।
संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि पहुंचे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कोई भी नेता शामिल नहीं हुआ। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या TMC इस चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी या नहीं।
हालांकि, इसे लेकर फिलहाल केवल अटकलें हैं और TMC ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब पार्टी आंतरिक टूट और नेताओं की दूरी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ने नंदीग्राम सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं। हालांकि, पार्टी ने क्लियर नहीं किया है कि किसको टिकट दिया जाएगा।
हाल ही कुछ दिनों पहले हुई बैठक में सांसद, विधायक और प्रदेश संगठन के तमाम बड़े नेता इसमें शामिल हुए थे। साथ ही नंदीग्राम से भी कई नेता मीटिंग में पहुंचे थे।
नंदीग्राम सीट पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को यहां हार का सामना करना पड़ा था, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाई थी।
वहीं 2026 के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखने का फैसला किया, जिसके कारण नंदीग्राम सीट खाली हुई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अभी तक नंदीग्राम उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक गलियारों में अखिल गिरी के नाम की चर्चा जरूर रही, लेकिन न तो गिरी और न ही पार्टी ने इसकी पुष्टि की है।
इसके अलावा, सर्वदलीय बैठक से TMC की अनुपस्थिति पर भी पार्टी ने कोई बयान जारी नहीं किया है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि ऋतब्रता बनर्जी की अगुवाई वाला TMC गुट इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगा या नहीं।