मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- सोशल मीडिया)
Mamata Banerjee on ED raid: कोलकाता में ईडी की रेड के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने सीधे I-PAC दफ्तर पहुंचकर मोर्चा संभाला और भाजपा को खुली चेतावनी दे दी। ममता ने कहा कि एजेंसियों के जरिए बंगाल का डेटा और रणनीति लूटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने गरजते हुए ऐलान किया कि इस हरकत के बाद भाजपा को जो थोड़ी-बहुत सीटें मिलनी थीं, अब वो भी घटकर जीरो हो जाएंगी।
बेसमेंट का नजारा देख हर कोई हैरान रह गया, जहां तृणमूल की महिला नेताओं ने बंगाल का राज्य गीत गाकर अनोखा विरोध दर्ज कराया। ममता ने दो टूक कहा कि अगर हमसे लड़ना है तो लोकतांत्रिक तरीके से हराइए, एजेंसियों के पीछे मत छिपिए। उनका आरोप था कि जांच एजेंसी चुनाव और पार्टी फंड से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें, कंप्यूटर और हार्ड डिस्क जब्त कर रही है जो सरासर अपराध है।
#WATCH | कोलकाता | कोलकाता में IPAC ऑफिस पर ED की रेड पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “…अगर आप (भाजपा) हमसे लड़ नहीं सकते, तो आप बंगाल क्यों आ रहे हैं? हमें लोकतांत्रिक तरीके से हराइए। आप हमारी एजेंसियों का इस्तेमाल हमारे कागज़ात, हमारी रणनीति, हमारे वोटर्स,… pic.twitter.com/xHXB5sEusQ — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2026
अभिषेक बनर्जी ने भी मोर्चा संभालते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सीधे अमित शाह और पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर बंगाली बोलना गुनाह है, तो सिर्फ कुछ लोगों को क्यों, बंगाल के सभी 10 करोड़ लोगों को जेल में डाल कर दिखाओ। ममता ने खुद फाइलों का हिसाब-किताब करने की बात कही और ऐलान किया कि जब तक प्रतीक जैन नहीं आते, वह मौके से हिलेंगी नहीं। उनका कहना था कि यह कार्रवाई सिर्फ लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनाव से पहले पार्टी की रणनीतियां चुराने के लिए की जा रही है।
यह भी पढ़ें: कोलकाता में ED रेड के बीच बवाल, ममता की मौजूदगी में जबरन गाड़ियों में रखवाई गईं फाइलें, देखें VIDEO
दूसरी तरफ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के वहां पहुंचने को असंवैधानिक बताया और कहा कि यह जांच में बाधा डालने जैसा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अवैध पैसे के खेल को छिपाने के लिए यह सब किया जा रहा है। वहीं ईडी ने सफाई दी है कि यह छापेमारी कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है, इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, ममता बनर्जी ने इसे खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया और ऐलान किया कि अब तृणमूल कांग्रेस पूरे बंगाल में सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा जवाब देगी।