Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पहले पश्चिम बंगाल…और अब पार्टी से हाथ साफ! ममता का होगा उद्धव ठाकरे वाला हाल? बागियों ने बढ़ाई मुश्किलें

Mamata BanerjeeTMC: पश्चिम बंगाल में पैदा हुई राजनीतिक स्थिति का महाराष्ट्र से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां एकनाथ शिंदे ने बगावत कर शिवसेना को दो गुटों में तोड़ दिया और सिंबल पर दावा ठोक दिया था।

  • Written By: मनोज आर्या
Updated On: Jun 02, 2026 | 07:27 PM

क्या बंगाल में टूट जाएगी ममता बनर्जी की पार्टी? (सोर्स- AI)

Follow Us
Follow Us:

Mamata Banerjee TMC Split: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बुरी तरह से मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है। साल 1988 में ममता बनर्जी द्वारा खड़ी की गई पार्टी इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही। 15 साल तक बंगाल पर राज करने वाली टीएमसी के सामने अब उसके अस्तित्व पर ही संकट गहराता हुआ नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट में किए जा रहे दावे के मुताबिक, टीएमसी के 80 में से 50 विधायक पार्टी तोड़ सकते हैं और नया गुट बना सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि ये बागी गुट पार्टी के चुनाव चिह्न (पार्टी सिंबल) पर भी दावा ठोक सकते हैं।

ये चर्चा यू हीं नहीं हो रही है, बल्कि इसेक पीछे तृणमूल कांग्रेस के हालिए कदम हैं, जिसके तहत पार्टी ने विपक्ष के नेता की नियुक्ति में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर को लेकर विवाद में दो विधायकों- ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा को टीएमसी ने सस्पेंड कर दिया है।

ममता के धरना-प्रदर्शन से विधायक दूर

तृणमूल कांग्रेस के इस फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में पार्टी विधायकों का एक गुट पार्टी सुप्रीमो की बैठक और कार्यक्रमों से खुद को दूर रख रहा है। पार्टी सांसद और नेताओं पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ आज (मंगलवार, 2 जून) को जब ममता ने कोलकाता में धरना-प्रदर्शन किया, इस दौरान में अधिक संख्या में पार्टी विधायक मौजूद नहीं रहें। दूसरी तरफ ये बागी गुपचुप तरीके से बैठकें कर रहा है। यही कारण हैं कि टीएमसी में बगावत की अटकलों की चर्चा और तेज हो गई है।

सम्बंधित ख़बरें

Explainer: तमिलनाडु में अब तक क्यों बेअसर साबित हुई बीजेपी? अन्नामलाई की इस्तीफे के बीच उठ रहे सवाल

20-21 जून को बंगाल जाएंगे PM मोदी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना और मिशन बंगाल, जानें क्यों खास है यह दौरा

अभिषेक पर हमले के खिलाफ सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, सुवेंदु सरकार पर बोला हमला, कहा- मुझे गिरफ्तार कर लो…

मर जाऊंगी पर…ममता बनर्जी के धरने को लेकर बवाल, कोलकाता पुलिस ने नहीं दी परमिशन, बोली- वहीं करूंगी प्रदर्शन

क्या पश्चिम बंगाल में महाराष्ट्र वाला खेल?

विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में पैदा हुई राजनीतिक स्थिति का महाराष्ट्र से जोड़कर देखा जा राह है, जहां शिव सेना में टूट हुई थी। तब एकनाथ शिंदे ने बगावत कर शिवसेना को दो गुटों में तोड़ दिया और पार्टी सिंबल पर भी दावा ठोक दिया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार में फैसला एकनाथ गुट के पक्ष में गया था। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने इंडिया टुडे को बताया कि बागी गुट टीएमसी और उसके चुनाव चिह्न पर भी दावा ठोकने की कोशिश कर सकता है।

तृणमूल कांग्रेस में अंदरुनी लड़ाई की वजह

दरअसल, ये बगावती सुर नेता विपक्ष की नियुक्ति से शुरु हुई। सूत्रों के हवाले से ऐसा कहा जा रहा है कि पार्टी के कई विधायकों की चाहत थी की विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी के नाम की घोषणा की जाए। हालांकि, टीएमसी की शीर्ष नेतृत्व ने नेता विपक्ष के लिए शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नाम का प्रस्ताव रखा। ऐसी चर्चा है कि अभिषेक बनर्जी ने जो चिट्ठी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी थी, उस पर ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने सिग्नेचर नहीं किए थे। इसकी शिकायत जब उन्होंने की तो पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। अब ऋतब्रत बनर्जी अलग गुट का नेतृत्व कर रहे हैं।

50 विधायकों की बैठक में अहम फैसले

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता के दावों ने इस कायसाबाजी को और हवा दे दी है कि ममता बनर्जी अपनी तीन दशक पुरानी पार्टी से हाथ गंवाने वाली हैं। रिजू दत्ता ने दावा किया है कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 50 विधायकों ने बैठक की है और अपने गुट को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताकर पार्टी की प्रतिष्ठित ‘जोड़ा फूल’ सिंबल पर दावा करने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि 1988 में स्थापित तृणमूल कांग्रेस पहली बार आंतरिक कलह से जूझ रही है।

जादुई आंकड़ों के करीब विधायकों की संख्या

पश्चिम बंगाल की कुल 294 सदस्यी विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायक हैं। दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए किसी भी गुट को कम से कम दो-तिहाई विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जो टीएमसी के मामले में करीब 53 विधायक की जरूरत होगी। रिजू दत्ता का 50 विधयाकों का दावा इस जादुई आंकड़े के बेहद करीब है।

80 में से 60 विधायकों की ममता से दूरी

बता दें कि रविवार, 31 मई को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी एक अहम बैठक बुलाई थी। हालांकि, इस मीटिंग में 80 में से 20 विधायक ही शामिल हुए। 60 विधायकों ने इस बैठक से खुद को दूर रखा। इस घटना ने पार्टी में फूट की आग को और हवा देने का काम किया। इसलिए ऐसा दावा किया जा रहा है कि दो-तिहाई विधायकों का संख्या बल आसानी से जुटाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Explainer: तमिलनाडु में अब तक क्यों बेअसर साबित हुई बीजेपी? अन्नामलाई की इस्तीफे के बीच उठ रहे सवाल

ममता ने मानी पार्टी में कलह की बात

इस बीच, ममता बनर्जी और कुणाल घोष ने पार्टी में कलह की बात मानी है। ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए आरोप लगाया कि उनके विधायकों पर पुलिस के जरिए प्रेशर बनाया जारहा है। वहीं, कुणाल घोष ने विधायकों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे ममता बनर्जी की तस्वीर के दम पर चुनाव जीतकर विधायक बने हैं और उन्हें किसी भी हालत में गुमराह नहीं होना चाहिए।

Mamata banerjee tmc collapse in west bengal ritabrata banerjee increased tension

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 02, 2026 | 07:27 PM

Topics:  

  • Mamata Banerjee
  • Navbharat Explainer
  • TMC
  • West Bengal

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.