तृणमूल कांग्रेस में बड़ी फूट! एक साथ 31 नेताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा, सियासी गलियारों में मचा हड़कंप

TMC Crisis Politics: तृणमूल कांग्रेस को अब बड़ा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी के कई नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर पार्टी का साथ छोड़ दिया है।
tmc west bengal politics 31 leaders mass resignation
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी (सौजन्य-IANS, कंसेप्ट फोटो)
Published on
Updated on

TMC Mass Resignation: पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अदरूनी कलह सामने आई है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी ने नतीजों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में पार्टी के कई विधायक नदारद रहे। इसके साथ गी दो नगरपालिकाओं में टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर बगावती रूख अपना लिया। इससे अब तृणमूल कांग्रेस में फूट पड़ने की अटकलें तेज हो गई है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस धरने में टीएमसी पार्टी के 80 विधायकों में से केवल 36 विधायक ही शामिल हुए। विधायकों ने ऐसे समय में बगावत की है, जब टीएमसी खुद को एक बार फिर मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी कालीघाट में 19 मई को पार्टी की बैठक हुई थी। इसमें भी 15 के करीब विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए।

कांचरापाड़ा के 24 में से 15 पार्षदों का इस्तीफा

इसी बीच टीएमसी के 31 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की चर्चाओं ने माहौल गरम कर दिया है। उत्तर 24 परगना जिले की कांचरापाड़ा और हलीशहर नगरपालिकाओं में टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। कांचरापाड़ा नगरपालिका में टीएमसी के 24 पार्षद है, इनमें से 15 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। तो वहीं, हलीशहर नगरपालिका में टीएमसी के 23 में पार्षदों में से 16 पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपना पद छोड़ दिया। अब इन सभी के पार्टी बदलने की अटकलें तेज हो गई है।

हलीशहर के 23 में से 16 पार्षदों का इस्तीफा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में बिजपुर से भारतीय जनता पार्टी विधायक सुदीप्त दास ने नगरपालिका अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस्तीफा देने का फैसला 17 मई को कल्याणी में हुई तृणमूल कांग्रेस पार्षदों की एक बैठक के दौरान लिया गया था। 20 मई की दोपहर, हलीशहर नगरपालिका में और उपाध्यक्ष की मौजूदगी में पार्षद राजू साहनी के नेतृत्व में 16 पार्षदों ने एक आपात बैठक की, जिसके बाद उन्होंने अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया।

इस्तीफा देने वालों के इस समूह में 5 महिला पार्षद भी शामिल हैं। हालांकि, नगर पालिका अध्यक्ष, शुभंकर घोष ने इस्तीफा नहीं दिया और वे अपने पद पर बने हुए हैं। भाजपा विधायक सुदीप्त दास ने इस्तीफा देने वाले 16 पार्षदों की आधिकारिक सूची जारी की।

सुदीप्त दास ने रहा, मैं जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि नगरपालिका की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। आम जनता के लिए सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। इन सामूहिक इस्तीफों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। साथ ही इन पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलें सामने आ रही हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com