कोलकाता में जहां ED की चल रही रेड, वहां पहुंचीं CM ममता बनर्जी…बंगाल चुनाव से पहले मचा बवाल!
Mamata Banerjee on ED Raid: ईडी ने कोलकाता IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में छापेमारी की। इस बीच, ममता बनर्जी खुद घटनास्थल पर पहुंचीं हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
कोलकाता में जहां ED की चल रही रेड, वहां पहुंचीं CM ममता बनर्जी...बंगाल चुनाव से पहले मचा बवाल!
Prateek Jain ED Action: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचना मामले की गंभीरता को और बढ़ाता नजर आ रहा है। खबरों के मुताबिक, ईडी यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में कर रही है। जांच टीम एक साथ प्रतीक जैन के घर और कार्यालय में दस्तावेजों की जांच के साथ अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। इस बीच ममता बनर्जी की मौजूदगी को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी सीधे उस स्थान पर पहुंचीं, जहां ईडी की टीम जांच में जुटी हुई थी। उनके पहुंचने से हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के खिलाफ एक सशक्त राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाइयों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच टकराव की स्थिति बनती रही है।
ईडी की रेड पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप
ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी हमारी पार्टी के आईटी सेक्टर के कार्यालय में इस तरह से दस्तावेज लेने पहुंची। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए कहा कि यह सब गृहमंत्री की स्क्रिप्ट के तहत हो रहा है, जो खुद देश की सुरक्षा बनाए रखने में नाकाम रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईडी ने पार्टी से जुड़े दस्तावेजों को बिना किसी उचित सुरक्षा व्यवस्था के जब्त किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान कुछ मामलों में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने विशेष रूप से SIR मामले का जिक्र करते हुए कहा कि नाम गायब किए जा रहे हैं और दस्तावेजों का दुरुपयोग हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों और गृह मंत्रालय पर देश और लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में दो समानांतर प्रक्रियाएं चल रही हैं, एक तरफ मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिशें और दूसरी ओर अवैध तरीके से संवेदनशील डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।
विपक्षी दलों को डराने और कमजोर करने का आरोप
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की पहले से जानकारी थी, इसलिए पार्टी से जुड़े सभी हार्ड डिस्क और जरूरी डेटा पहले ही सुरक्षित कर लिए गए थे, ताकि किसी भी जब्ती से पार्टी के आंतरिक कामकाज और रणनीति को नुकसान न पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि पार्टी का आईटी कार्यालय पहले भी निशाने पर रहा है और वह खुद वहां जाकर पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह देखना उनकी जिम्मेदारी है कि यह कार्रवाई किस मकसद से और किस स्तर पर की गई। ममता बनर्जी ने केंद्र की एजेंसियों पर विपक्षी दलों को डराने और कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस कथित राजनीतिक साजिश के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से लड़ाई जारी रखेगी।
