IPAC रेड केस में CM ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
IPAC Raid Case: ईडी ने ममता बनर्जी पर रेड के दौरान दखल का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बंगाल सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा है।
- Written By: सजल रघुवंशी
सुप्रीम कोर्ट (सोर्स-आईएएनएस)
Supreme Court Hearing On IPAC Case: ईडी ने आईपैक में रेड के दौरान सीएम ममता बनर्जी पर दखलंदाजी का आरोप लगाते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। ईडी ने याचिका में सीएम ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार को पक्षकार बनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है। बुधवार को सुनवाई के दौरान बंगाल सरकार ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसका सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विरोध किया।
साथ ही कहा गया कि यह जानबूझकर कर मामले को लटकाने की कोशिश है। हमारा जवाब दो हफ्ते पहले दाखिल हुआ था। वे जवाब दाखिल कर सकते थे। एक ऐसे केस में जहां एक सूबे की मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसी की जांच को रोकने के लिए पहुंच जाती हैं, वहां सरकार को अब भी जवाब दाखिल करने के लिए और वक्त चाहिए।
ममता सरकार ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से वकील श्याम दीवान ने कहा कि ईडी कोई कॉर्पोरेट संस्था नहीं है। इसे मुकदमा करने का अधिकार नहीं है। यह मुद्दा संविधान की व्याख्या के एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू से जुड़ा है कि क्या ईडी कोई याचिका दायर कर सकती है? चूंकि यह मूल ढांचे का हिस्सा है, इसलिए इस मुद्दे को पांच जजों की बेंच को सुनना चाहिए।
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एसजी तुषार मेहता ने क्या कहा?
एसजी तुषार मेहता ने पश्चिम बंगाल सरकार की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल ने भी अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका दायर की है। केरल ने भी ऐसा ही किया है। सुप्रीम कोर्ट ने तय किया कि वह इस मामले पर सुनवाई टालने के बजाए सुनवाई करेगा। वहीं श्याम दीवान ने कहा कि यह याचिका ही सुनवाई योग्य नहीं है। ईडी आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर नहीं कर सकती। इस अधिकार के तहत सिर्फ नागरिक ही अपने मौलिक अधिकार के हनन का हवाला देकर कोर्ट आ सकते हैं। ईडी एक तरह से सरकार का एक हिस्सा है।
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क्या है आईपैक रेड केस?
दरअसल, सीएम ममता बनर्जी ने 8 जनवरी को लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर और आईपैक के ऑफिस का दौरा किया था। उन्हें यह जानकारी मिली थी कि तलाशी के दौरान तृणमूल कांग्रेस के संवेदनशील राजनीतिक डेटा को खंगाला जा रहा है। इस पर सीएम ममता बनर्जी का कहना है कि यह डेटा विधानसभा चुनावों के लिए टीएमसी की रणनीति से बेहद अहम रूप से जुड़ा हुआ था।
