भारतीय राजनीति की सबसे सफल महिला नेता! फिर भी ममता बनर्जी ने क्यों नहीं की शादी? जान लीजिए असली वजह
Mamata Banerjee: ममता बनर्जी बनर्जी का जन्म कलकत्ता (अब कोलकाता), पश्चिम बंगाल में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रोमिलेश्वर बनर्जी और माता का नाम गायत्री देवी था।
- Written By: मनोज आर्या
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Why Mamata Banerjee not Maaried: जब भी भारतीय राजनीति की सबसे सफल महिला नेताओं का नाम लिया जाएगा, तो शायद ही कोई ऐसा होगा जो ममता बनर्जी को भूल पाएगा। अपने तीखे तेवर और साधारण महिला की तस्वीर वाली ममता ने अपनी मेहनत और संघर्षों से देश की राजनीति में एक बड़ा नाम बनाया। 15 साल से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद सुर्खियों में हैं।
इसी बीच लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिरी इतनी सफल राजनेता होने के बावजूद भी ममता बनर्जी ने शादी क्यों नहीं की। इसके अलावा कुछ लोग यह भी जानना चाह रहे हैं कि ममता के परिवार में कौन-कौन हैं? फिलहाल वह किसके साथ रहती हैं।
बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री
5 जनवरी 1955 को जन्मीं ममता बनर्जी राजनेता के अलावा पेशे से वकील भी हैं। जिन्होंने 2011 से 2026 तक पश्चिम बंगाल के 8वें मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि वह बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री रही हैं। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम कर चुकी हैं।
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(ममता बनर्जी की पुरानी तस्वरी, सोर्स- सोशल मीडिया)
कैसे बंगाल की ‘दीदी’ बनीं ममता?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई) से खुद को अलग करने के बाद साल 1998 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और बाद में 2001 में इसकी दूसरी अध्यक्ष बनीं। वह अक्सर खुद को दीदी (जिसका अर्थ बंगाली में बड़ी बहन है) के रूप में संदर्भित करती हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में बहस करने वाली भारत की पहली मौजूदा मुख्यमंत्री के रूप में इतिहास रचा। ममता ने पहले दो बार रेल मंत्री के रूप में कार्य किया, ऐसा करने वाली वह पहली महिला बनीं।
17 साल की उम्र में पिता का निधन
ममता बनर्जी बनर्जी का जन्म कलकत्ता (अब कोलकाता), पश्चिम बंगाल में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रोमिलेश्वर बनर्जी और माता का नाम गायत्री देवी था। जब ममता सिर्फ 17 साल की थीं, तब उनके पिता प्रोमिलेश्वर की इलाज की कमी के कारण निधन हो गई थी। पिता के मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और बड़ी बेटी होने के कारण उन्हें परिवार चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उस दौरान ममता ने दूध के डिपो में काम किया और उससे होनी वाली कमाई के पैसे से अपनी विधवा मां की मदद करती थीं।
(ममता बनर्जी पर 1990 में कम्युनिस्ट पार्टी के गुंडों ने हमला किया था। सोर्स-AITC)
ममता बनर्जी ने क्यों नहीं की शादी?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC की प्रमुख ममता बनर्जी पूरी जिंदगी बिना शादी के रहीं और उन्होंने खुद को पूरी तरह से अपने पॉलिटिकल करियर के लिए समर्पित करने का फैसला किया। उन्होंने अक्सर कहा है कि उनके पास पर्सनल लाइफ के बारे में सोचने का समय नहीं है और उन्होंने हमेशा ही बंगाल के लोगों को अपना परिवार बताया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मानना है कि अगर वो शादी कर लेती तो आज देश में उनकी पहचान है शायद वो नहीं होती जो अभी है। ममता नहीं चाहती थी कि वह किसी तरह का बंधन उनके समाज सेवा के आड़े आए। इसलिए भी ममता बनर्जी ने कभी शादी नहीं की।
क्यों सफेद साड़ी पहनती हैं ममता?
एक सवाल और जो लोगों के मन में जरूर आता होगा वह यह है कि ममता बनर्जी आखिर सफेद साड़ी और चप्पल ही क्यों पहनती हैं? इसके पीछे की वजह है बचपन में झेली गई तंगी और साधारण जीवनशैली है। दरअसल, में दीदी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन के दिनों में उन्होंने आर्थिक तंगी देखी थी, जिसने उन्हें महंगी चीजों और दिखावे से दूर रखा। वो शुरुआत से ही सूती साड़ी और चप्पलों का इस्तेमाल करती रही हैं। उन्होंने इस आदत को अब तक जीवन का हिस्सा बना रखा है।
(कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे सुवेंदु अधिकारी अब बीजेपी में हैं। सोर्स- PTI)
इन महिला नेताओं ने भी नहीं की शादी
ममता बनर्जी के लिए अलावा और भी कुछ महिला नेता हैं जिन्होंने देश की राजनीति में काफी मुखर रहीं। हालांकि, उन्होंने भी खुद को वैवाहिक जीवन से अलग रहा। बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती अपने राजनीतिक तेवर से पूरे देश में पहचान बनाईं, लेकिन उन्होंने कभी शादीशुदा जीवन के बारे में नहीं सोचा। सार्वजनिक मंचों से वह अक्सर कहा करती हैं कि दलितों और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए अपने व्यक्तिगत जीवन का त्याग किया है।
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उमा भारती से जे. जयललिता तक
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की सीनियर नेता उमा भारती ने भी शादी नहीं की। वह एक संन्यासिन हैं और धार्मिक व राजनीतिक जीवन को प्राथमिकता देती हैं। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और हरियाणा की प्रमुख राजनीतिज्ञ कुमारी शैलजा भी अविवाहित राजनेताओं की सूची में शामिल हैं। तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता भी अविवाहित थीं। वे ‘अम्मा’ के नाम से प्रसिद्ध थीं और उनके जीवन का केंद्र पूरी तरह से राजनीति और जनसेवा ही रहा।
