भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी (सोर्स-सोशल मीडिया)
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की जांच सीबीआई के हाथों में है। वहीं दूसरी तरफ कोलकाता पुलिस ने भी इससे जुड़े दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की है। जिसमें एक एफआईआर गलत जानकारी फैलाने के लिए तो दूसरा पीड़िता की आईडेंटिटी रिवील करने करे लिए दर्ज की गई है। साथ ही इन दोनों ही मामलों ने पुलिस ने बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी और दो डॉक्टर्स को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किया है।
कोलकाता पुलिस ने पीड़िता की पीएम रिपोर्ट के से जु़ड़ी कथित भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में डॉ. सुवर्ण गोस्वामी के साथ डॉ. कुणाल सरकार को पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि, सुवर्ण गोस्वामी का दावा है कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। अगर उन्हें नोटिस मिलता है तो वे जांच में शामिल होंगे। वहीं, डॉ. कुणाल सरकार ने माना है कि उन्हें आज सुबह कोलकाता पुलिस से नोटिस मिला है। वे कल पुलिस मुख्यालय में पेश होंगे, क्योंकि आज वे किसी काम से बाहर हैं।
कोलकाता पुलिस ने बीजेपी की पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पीड़िता की पहचान उजागर की और जांच के बारे में गलत जानकारी साझा की। उन्हें आज दोपहर 3 बजे तक पेश होने को कहा गया है।
बता दें कि 8-9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में एक महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी की गई थी। सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक ग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। वह सेमिनार हॉल में बेहोशी की हालत में मिली। उसे तुरंत चिकित्सा के लिए ले जाया गया, लेकिन यहां इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई। पीड़िता के शरीर पर चोटों के कई निशान भी पाए गए थे।
निर्भया की मां आशा देवी का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी यह पता नहीं चल पाया है कि लड़की को किसी एक व्यक्ति ने पीटा था या उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था… एक डॉक्टर के साथ ऐसा जघन्य अपराध तब हुआ जब वह अस्पताल में ड्यूटी पर थी। जब डॉक्टर ही अस्पताल के अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं और लड़कियों के बारे में क्या सोचा जा सकता है। सभी आरोपियों को तुरंत पकड़ा जाना चाहिए और जल्दी से जल्दी सज़ा मिलनी चाहिए।