भवानीपुर चुनाव मामला: ममता बनर्जी की याचिका पर हाई कोर्ट सख्त, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश
Bhabanipur Election Controversy: ममता बनर्जी के भवानीपुर मामले में मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई है। इस दौरान कोर्ट ने मतगणना केंद्र के सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
- Written By: दिव्या सिंह
भवानीपुर चुनाव मामले में कलकत्ता HC में सुनवाई (सोर्स-AI)
High Court On Bhabanipur Election Controversy: भवानीपुर विधानसभा चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट ने मतगणना केंद्र के सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि फुटेज को डिलीट नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई दो महीने बाद होगी। जस्टिस गौरांग कांत ने कहा कि मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को संरक्षित रखा जाए ताकि भविष्य की सुनवाई में उनका उपयोग किया जा सके।
चुनाव परिणाम को ममता ने दी है चुनौती
ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर मिली हार को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और धांधली का आरोप लगाते हुए परिणाम रद्द करने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि मतगणना के शुरुआती दौर में वह बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन बाद के चरणों में परिणाम अचानक बदल गए।
वकील कल्याण बनर्जी ने रखीं दलीलें
ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने अदालत में कहा कि 12वें राउंड तक मतगणना सामान्य तरीके से चल रही थी और उनकी मुवक्किल आगे थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद मतगणना प्रक्रिया में असामान्य बदलाव देखने को मिले।
सम्बंधित ख़बरें
मध्य प्रदेश BJP की नई कार्यसमिति: सिंधिया समर्थकों को ‘सांत्वना’, उमा भारती की ‘अनदेखी’ से गरमाई सियासत
ये सर्कस है… बागी गुट पर जमकर बरसे सौगत रॉय, फिरहाद हकीम से पूछे- क्या BJP की विचारधारा मान ली?
टीएमसी के तीन बैंक खातों की जांच शुरू, जबरन वसूली और अवैध कमीशन का लगा आरोप
भैंस, घोड़े और गधों की तरह बिक रहे MP-MLA… अशोक गहलोत ने BJP पर कसा तंज, बोले- लोकतंत्र के लिए खतरनाक
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के मतगणना एजेंटों के साथ मारपीट की गई और उन्हें केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान केंद्रीय बलों ने भाजपा एजेंटों की मदद की। उनके अनुसार, इन घटनाओं के सबूत CCTV फुटेज में मौजूद हैं।
रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए। वकील ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराए जाने के बावजूद उन्हें पद पर बनाए रखा गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बाद में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
ये भी पढ़ें- TMC में बड़ा तख्तापलट…ममता बनर्जी की अध्यक्ष पद से छुट्टी, बागी गुट ने अभिषेक बनर्जी को भी किया सस्पेंड
CCTV फुटेज और EVM सुरक्षित रखने की मांग
ममता बनर्जी की ओर से अदालत से अंतरिम राहत की मांग करते हुए CCTV फुटेज और EVM को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया। वकील ने अदालत से मामले का शीघ्र निपटारा करने की अपील करते हुए कहा कि लोगों में यह धारणा बन चुकी है कि चुनावी विवादों का समाधान नहीं हो पाता, इसलिए इस मामले में जल्द फैसला जरूरी है। मामले की विस्तृत सुनवाई अब दो महीने बाद निर्धारित की गई है।
