फर्जी हस्ताक्षर मामले में घिरे अभिषेक बनर्जी, CID ने भेजा समन, तो हाई कोर्ट पहुंचे टीएमसी नेता
Abhishek Banerjee Calcutta High Court: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने CID समन के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। विधायकों के हस्ताक्षर विसंगति मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
- Written By: अमन मौर्या
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
CID Summons Signature Discrepancy Case: टीएमसी सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने हस्ताक्षर विसंगति मामले में बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने विधायकों के हस्ताक्षर विसंगति मामले में पूछताछ के लिए सीआईडी द्वारा जारी समन को चुनौती दी है। पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगति का आरोप है।
ये हस्ताक्षर एक प्रस्ताव पर किए गए थे, जिसमें विधानसभा की चार महत्वपूर्ण सीटों के लिए पार्टी के विधायकों को नामित किया गया था। ये सीटें सदन में विपक्ष के लिए आरक्षित हैं।
कोर्ट ने स्वीकार की याचिका
कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की एकल न्यायाधीश वाली पीठ ने TMC नेता अभिषेक बनर्जी की याचिका को स्वीकार कर लिया है। याचिका में अभिषेक ने हस्ताक्षर विसंगति मामले में पुलिस से गिरफ्तारी सहित दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। अदालत अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करेगी। इसके पहले अभिषेक बनर्जी को 1 जून को सीआईडी तलब किया था।
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हालांकि, उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए पेश होने के लिए 15 दिन का समय मांगा। 30 मई की दोपहर को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में जनता द्वारा उन पर हमला किया गया था, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई थी।
8 जून को दिल्ली में रहेंगे अभिषेक
1 जून की शाम को सीआईडी के अधिकारियों ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया और 8 जून को सीआईडी कार्यालय में पेश होने को कहा। 8 जून को अभिषेक बनर्जी और उनकी बुआ ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली में मौजूद रहेंगे।
क्या है मामला?
कुछ दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस के कार्यालय को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को विपक्ष का उप-नेता और फिरहाद हकीम को राज्य विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के विधायी दल का मुख्य सचेतक के रूप में नामित किया था।
अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव, अभिषेक बनर्जी के पत्र के साथ ही जमा किया जाना चाहिए। इसके बाद टीएमसी के विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव भी विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जमा कर दिया गया। इसके बाद से अभिषेक विवादों में फंसते चले गए।
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TMC विधायकों ने ही की शिकायत
अध्यक्ष को प्रस्ताव दिए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों के बारे में अवगत कराया। इसके तुरंत बाद विधानसभा सचिवालय ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दिया और सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तलब कर लिया।
मामले में TMC विधायक कुणाल घोष, बहारुल इस्लाम, नयना बंद्योपाध्याय और चंद्रनाथ सिन्हा से सीआईडी पहले ही पूछताछ करके उनके हस्ताक्षर के नमूने ले चुकी है।
