“मेटरनिटी लीव खत्म, अब क्या प्लान है?” मां बनी कॉर्पोरेट इम्प्लाई की कहानी पर छिड़ी बहस
Corporate Culture in India : एक नई मां ने सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट दुनिया में मातृत्व के बाद आने वाली चुनौतियों को साझा किया। वर्किंग मदर्स और ऑफिस सपोर्ट सिस्टम पर चर्चा छिड़ी।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Corporate Maternity Policy : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने मां बनने के बाद कॉर्पोरेट दुनिया में आने वाली चुनौतियों को साझा किया है। वीडियो में सलोनी नाम की महिला बताती हैं कि उनकी मेटरनिटी लीव खत्म होने वाली थी, जिसके बाद उन्हें HR की ओर से कॉल आया।
महिला के अनुसार, उनका बच्चा प्रीमैच्योर पैदा हुआ था और इसलिए उन्हें बच्चे की देखभाल के लिए कुछ समय और चाहिए था। उन्होंने एक-दो महीने की अतिरिक्त छुट्टी, भले ही बिना वेतन के, देने का अनुरोध किया था।
कॉर्पोरेट जगत में नौकरी की हकिकत
महिला का कहना है कि HR ने उन्हें बताया कि ऐसी कोई तय पॉलिसी नहीं है और अधिकतम 15 दिन की छुट्टी मिल सकती है, वह भी वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद।
सलोनी के मुताबिक बातचीत के दौरान उनसे नोटिस पीरियड और इस्तीफे को लेकर भी सवाल किए गए, जिससे उन्हें लगा कि परिस्थितियां ऐसी बनाई जा रही हैं कि वे खुद नौकरी छोड़ने के बारे में सोचने लगें। हालांकि वीडियो में सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
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वायरल वीडियो पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने वर्किंग मदर्स के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा शुरू कर दी। कई यूजर्स ने कहा कि मेटरनिटी लीव के बाद कई महिलाओं के लिए कार्यस्थल का अनुभव बदल जाता है।
वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सलाह दी कि करियर और परिवार दोनों को संतुलित करने के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम और बेहतर नीतियां जरूरी हैं। इस चर्चा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मातृत्व के बाद महिलाओं को कार्यस्थल पर किस तरह का सहयोग मिलना चाहिए।
