सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट का स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Life After Near Death : अमेरिका के न्यू जर्सी में साल 2015 में हुआ एक भीषण हादसा 22 साल की एरिका टेट की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया। एक रोमांचक हाइकिंग ट्रिप पर अकेले निकली एरिका बिना किसी सेफ्टी इक्विपमेंट के पैलिसेड्स क्लिफ्स पर चढ़ाई कर रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह करीब 60 फीट नीचे चट्टानों पर गिर पड़ीं।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी, पेल्विस, दोनों हाथ और कई पसलियां टूट गईं। दोनों फेफड़े भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे सांस लेना बेहद मुश्किल हो गया। दर्द के बावजूद एरिका ने किसी तरह फोन से मदद के लिए कॉल किया, लेकिन सही लोकेशन न बता पाने के कारण उन्हें करीब सात घंटे तक रेस्क्यू का इंतजार करना पड़ा।
एरिका का कहना है कि इसी दौरान उन्हें एक ऐसा अनुभव हुआ, जिसने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी। उन्होंने बताया कि अचानक उनका दर्द खत्म हो गया और उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी चेतना शरीर से बाहर निकल गई हो। उन्होंने खुद को ऊपर की ओर जाते हुए महसूस किया और गहरी शांति का अनुभव हुआ।
एरिका के मुताबिक, उन्होंने एक बेहद चमकदार सफेद रोशनी देखी, जिसे वह ईश्वर या ‘यूनिवर्सल कॉन्शसनेस’ मानती हैं। उस पल उन्हें महसूस हुआ कि इस ब्रह्मांड में सब कुछ एक ही ऊर्जा से जुड़ा है और फर्क सिर्फ कंपन की गति का है। उन्होंने अपने पूरे जीवन को एक फिल्म की तरह देखा, जहां कोई उन्हें जज नहीं कर रहा था, बल्कि वह खुद अपने फैसलों को समझ पा रही थीं।
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एरिका बताती हैं कि इस अनुभव से उन्हें यह सबसे बड़ा संदेश मिला कि “हम सब एक हैं।” किसी और को चोट पहुंचाना असल में खुद को चोट पहुंचाने जैसा ही है। हादसे से पहले एरिका खुद को नास्तिक मानती थीं और सिर्फ वही मानती थीं जो आंखों से दिखे। लेकिन इस ‘नियर डेथ एक्सपीरियंस’ ने उन्हें आध्यात्मिक रास्ते पर ला दिया।
अब 33 साल की एरिका न्यू जर्सी में एक साइकोथेरेपी बिजनेस चलाती हैं, जहां वह मनोविज्ञान, बॉडी हीलिंग और आध्यात्मिक तरीकों से लोगों की मदद करती हैं। उनका कहना है कि उनका मकसद अब यही है कि लोग याद रखें कि वे कौन हैं और क्यों इस दुनिया में आए हैं।