Viral News : रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 तीव्रता से भूकंप महसूस किया गया। भूकंप आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ व्हेल मछलियों के कामचटका के किनारे पर आने का एक वीडियो वायरल हो रहा है।
सौजन्य (सोशल मीडिया)
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News On Tsunami: बुधवार की सुबह रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। जिसने भारी तबाही मचाई। जापान और रूस के तटीय इलाकों में सुनामी की लहरें आई हैं, जिससे भारी नुकसान हुआ है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह भूकंप अब तक दर्ज किए गए छह सबसे बड़े भूकंपों में से एक है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बेलुगा व्हेल मछलियां कामचटका के किनारे दिखाई दे रही है। इस वीडियो में कुछ लोग व्हेल कि देखभाल करते दिखाई दे रहे है। जिसे सुनामी आने से पहले का संकेत माना जा रहा है।
इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर कर लोग लिख रहे कि ‘जानवरों ने हमें चेतावनी दी थी। लेकिन हम समझ नहीं पाए थे। रूस के कामचटका में कल पाँच बेलुगा व्हेल बहकर किनारे पर आ गईं, जो आज आए रिकॉर्ड तोड़ 8.8 तीव्रता के भूकंप का केंद्र था। प्रकृति को हमेशा पहले पता चल जाता है। यह चेतावनी थी जो हमें कल ही मिल गई थी कि प्रकृति कुछ बड़ा करने वाली है।’
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जानवरों ने हमें चेतावनी दी थी – लेकिन हम समझ नहीं पाए थे।रूस के कामचटका में कल पाँच बेलुगा व्हेल बहकर किनारे पर आ गईं,जो आज आए रिकॉर्ड तोड़ 8.8 तीव्रता के भूकंप का केंद्र था।प्रकृति को हमेशा पहले पता चल जाता है।
हम अक्सर सुनते है कि भूकंप या सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं आने से पहले जानवर अजीब व्यवहार करने लगते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इन्हें प्राकृतिक आपदा का अंदेशा पहले ही लग जाता है। कुछ विशेषज्ञों का मनाना है कि भूकंप आने से पहले कुछ ऐसी तरंगे उठती हैं जिन्हें इंसान समझ नहीं पाते लेकिन जानवर खतरे को भांप लेते हैं। क्योंकि जानवरों की इंद्रियां इंसानों के मुकाबले कहीं अधिक संवेदनशील होती हैं। ये इंद्रियां उन्हें पर्यावरण में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को जल्दी पकड़ने में मदद करती हैं। चाहे वह धरती की हल्की कंपन हो या हवा में दबाव का बदलाव हो। जानवर इन्हें तुरंत भांप लेते हैं।
बता दें कि, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह भूकंप अब तक दर्ज किए गए छह सबसे बड़े भूकंपों में से एक है। भूकंप के तुरंत बाद जापान और रूस के कई हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने चेतावनी दी कि और भी बड़ी लहरें आ सकती हैं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने कहा कि उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में, खासकर होक्काइडो से वाकायामा (ओसाका के पास) तक, तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
Tsunami in japan do animals sense the arrival of a disaster in advance