ओला के CEO का सैटरडे सनडे की छुट्टी बंद करने वाला आया भड़काऊ बयान, सोशल मीडिया पर हो रहे जमकर ट्रोल
ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल की एक वीडियो जमकर वायरल हो रही है। जिसमें वो साफ तौर पर कह रहे है कि वे वर्क लाइफ बैंलेस करने की मॉडर्न सोच को सही नहीं समझते हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी देना ये हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है, ये पश्चिमी देशों का सभ्यता है। उनके इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
भाविश अग्रवाल (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : पिछले काफी दिनों से पुणे की अकाउंटिंग कंपनी ईवाई इंडिया लोगों के निशाने पर है। दरअसल, इस कंपनी में वर्क लाइफ बैंलेस ना कर पाने के कारण एना सेबेस्टियन पेराइल नामक कर्मचारी की मौत हो गई है। जिसके बाद एना की मां अनीता ऑगस्टीन ने इस कंपनी के चेयरमैन को एक भावुक करने वाला ईमेल कर दिया था। जिसके बाद पूरा देश इस घटना को लेकर गुस्से में था। हाल ही में बजाज फाइनेंस के लिए काम करने वाले तरुण सक्सेना ने भी काम के प्रेशर के कारण आत्महत्या कर ली थी। इन दोनों घटनाओं के बाद से वर्क लाइफ बैलेंस का मुद्दा गरमा रहा है।
इसी बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने के लिए मशहूर कंपनी ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल की एक वीडियो जमकर वायरल हो रही है। इस वीडियो में भाविश शनिवार और रविवार की छुट्टी का कड़ा विरोध कर रहे है। इस वायरल वीडियो के कारण उन्हें जोरदार आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है।
1 या 2 ही छुट्टी की कही बात
इस वायरल वीडियो में ओला के सीईओ भाविश साफ तौर पर कह रहे है कि वे वर्क लाइफ बैंलेस करने की मॉडर्न सोच को सही नहीं समझते हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी देना ये हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है, ये पश्चिमी देशों का सभ्यता है। पहले के समय में हमारे देश में शनिवार और रविवार की छुट्टी नहीं दी जाती थी, साथ ही हमारा भारतीय कैलेंडर भी अलग होता था। भारतीय कैलेंडर के अनुसार हमारे देश में एक महीने में करीब 1 या 2 ही छुट्टियां मिलती थी। इंडस्ट्रियल क्रांति के बाद से ही वीकेंड वेकेशन का कॉन्सेप्ट हमारे देश में आया है। हालांकि इस आधुनिक युग में इसकी कोई जरूरत नहीं है। अगर हम कुछ सालों पहले की बात करें तो पहले के समय में लोग हफ्ते में 5 दिन काम करके छुट्टी नहीं मांगते थे।
सम्बंधित ख़बरें
भारत के नक्शे से जम्मू कश्मीर गायब…BCCI के ब्लंडर से सोशल मीडिया पर मचा बवाल! तस्वीरें हो रहीं वायरल
ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालु और मंदिर कर्मियों के बीच चले लाठी-डंडे, वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा एक्शन
बांद्रा बुलडोजर एक्शन पर भड़के AIMIM नेता, बोले घुसपैठियों के बहाने जनता पर किया जुल्म, VIDEO वायरल
एयरपोर्ट पर खो गया फोन, CISF ने 15 मिनट में ढूंढकर लौटाया; महिला की पोस्ट हुई वायरल
ये भी पढ़ें :- निसान ने भारत के लिए तैयार किया मास्टरप्लान, एक्सपोर्ट सेंटर बनाने के लिए जल्द करेगी निवेश
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
ओला सीईओ की इस सोच को सोशल मीडिया पर बिल्कुल पसंद नहीं किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसते हुए कहा है कि “हम पश्चिमी भाषा बोलते हैं,पश्चिमी कपड़े पहनते हैं, पश्चिमी टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं. ऐसी लोगों की वजह से ही हम विकास नहीं कर पा रहे है, ऐसे लोगों को काम करने के लिए रोबोट चाहिए और हमारी गलती है कि हम इंसान हैं।”
एक और अन्य यूजर ने इसके बारे में लिखा है कि कल को कहीं ऐसा ना हो कि ये सैलरी देने को भी पश्चिमी सभ्यता का हिस्सा बताने लगे और कर्मचारियों से कहने लगे कि ये सैलरी की जगह शाम को दाल रोटी देंगे और कह देगें कि यहीं चादर बिछाकर ओड़कर सो जाओ।”
एक यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि ये सब पाखंड है, इन्हें क्लाइंट तो विदेश के चाहिए है और हॉलिडे भारत की चाहिए हैं।
