वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Moving Train Incident : भारत में चलती हुई ट्रेन पकड़ना कुछ लोगों को अब आम बात लगने लगी है, लेकिन हकीकत में यह बेहद खतरनाक होता है। रेलवे नियमों के मुताबिक चलती ट्रेन पकड़ना अपराध है, जिस पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) 1000 रुपये तक का जुर्माना या 6 महीने तक की जेल की कार्रवाई कर सकती है।
इसके बावजूद ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कम देखने को मिलती है, जिससे लोगों का हौसला बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ दिनों में चलती ट्रेनों को पकड़ने के कई वीडियो सामने आए हैं। इसी कड़ी में अब कानपुर-दिल्ली रूट की वंदे भारत एक्सप्रेस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वंदे भारत एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म से निकल रही होती है और तभी एक शख्स दौड़ते हुए लोको पायलट के केबिन में घुसने की कोशिश करता है। शुरुआत में ऐसा लगता है कि वह आराम से अंदर चढ़ जाएगा, लेकिन हाथ में सामान और बैग होने की वजह से उसका पैर फिसल जाता है।
इसके बाद वह ट्रेन के साथ घसीटने लगता है, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम जाती हैं। इसी दौरान लोको पायलट स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत ट्रेन रोक देता है। ट्रेन रुकते ही पीछे मौजूद यात्री भी दौड़कर मदद के लिए पहुंच जाते हैं। लोको पायलट की इस इंसानियत और सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
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यह घटना एक कड़ी चेतावनी भी है कि इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ट्रेन किसी का इंतजार नहीं करती और कुछ सेकंड की जल्दबाजी जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @shueblifts नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है, जिन्हें शुएब शेख बताया जा रहा है।
पोस्ट को अब तक करीब 1 करोड़ 12 लाख व्यूज और 1 लाख 20 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। कमेंट सेक्शन में यूजर्स जमकर नाराजगी जता रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि पैसे से टिकट खरीदी जा सकती है, लेकिन सिविक सेंस नहीं। कुल मिलाकर, यह घटना सभी के लिए सबक है कि ट्रेन पकड़ने के लिए समय से पहुंचें और अपनी जान की कीमत समझें।