

PM-CM And Ministers Removal Bill: देश में 'वोट चोरी' और SIR पर सियासत गर्मायी हुई है। इस बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में बड़ा दांव खेल दिया है। गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाने का एक नया बिल पेश किया है। अब इस बिल पर सियासत गर्म हो गई है। विपक्षी दल इस बिल को सिरे से खारिज कर रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से बिल को बिनाशकारी बताया गया है। वहीं एक बार फिर शशि थरूर पार्टी लाइन से अलग विचार प्रकट किए हैं। उन्होंने बिल सही बताया है।
यह बिल के कानून बनने के बाद ऐसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों व मंत्रियों को हटाया जा सकेगा, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप होंगे। बिल पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि इस विषय पर अभी मुझे बहुत जानकारी नहीं है, लेकिन प्रथम दृष्टया ठीक लगता है। थरूर के इस बयान से एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
संसद परिसर में ANI से बातचीत करते हुए थरूर ने बिल पर कहा कि जहां तक मेरा सवाल है, मैं इन विधेयकों के बारे में इतनी अच्छी तरह नहीं जानता कि आपको कोई टिप्पणी दे सकूं। हालांकि पहली नजर में यह उचित लगता है। जो कोई भी गलत काम करता है उसे सज़ा मिलनी चाहिए और उसे किसी उच्च संवैधानिक पद या राजनीतिक पद पर नहीं होना चाहिए। मुझे लगता है कि यह बात सही है।
वहीं ऑनलाइन गेमिंग के दूसरे मुद्दे पर थरूर ने कहा कि मैंने 2019 में एक लेख लिखा था कि मेरे विचार से सरकार को ऑनलाइन गेमिंग को वैध बनाना चाहिए और उस पर कर लगाना चाहिए। अगर आप इसे सिर्फ़ प्रतिबंधित कर देते हैं, तो यह भूमिगत हो जाता है। इससे माफिया पैसे कमाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे को एक स्थायी समिति को भेजा जाना चाहिए और इस पर विस्तार से अध्ययन किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ है और मुझे समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों हुआ।