भारत से सिंगापुर शिफ्ट होने पर लगे ये 4 बड़े झटके, भारतीय इंजीनियर का वीडियो वायरल

Singapore Lifestyle : सिंगापुर में काम कर रहे भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने भारत और सिंगापुर के बीच सांस्कृतिक व लाइफस्टाइल फर्क बताते हुए चार बड़े ‘शॉक्स’ शेयर किए, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय।
An Indian engineer’s video highlighting four cultural and lifestyle shocks after moving to Singapore has gone viral online.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

India to Singapore : भारत से सिंगापुर शिफ्ट होने के बाद एक भारतीय युवक को ऐसे कई सांस्कृतिक और लाइफस्टाइल बदलाव देखने को मिले, जिन्होंने उसे हैरान कर दिया। इन अनुभवों को उसने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच भारत और सिंगापुर के फर्क को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

यह वीडियो अमन नाम के एक सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है, जो फिलहाल सिंगापुर में काम कर रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “India से Singapore आना सिर्फ लोकेशन बदलना नहीं था, ये पूरी तरह logic change था।” इसके बाद उन्होंने चार ऐसे बड़े ‘शॉक्स’ बताए, जिनका सामना उन्हें यहां आकर करना पड़ा।

अमन के मुताबिक, पहला झटका था “Wealth Paradox”। उन्होंने बताया कि सिंगापुर में कारें बेहद महंगी हैं क्योंकि यहां Certificate of Entitlement (COE) सिस्टम लागू है, जिससे कार की कीमत भारत के मुकाबले करीब पांच गुना तक हो जाती है। इसी वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना किसी भी तरह से स्टेटस का मामला नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि MRT में सूट पहने प्रोफेशनल्स का सफर करना आम बात है, क्योंकि यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट हर वर्ग के लिए समान है।

बाहर खाना प्रैक्टिकल जरूरत है

दूसरा बड़ा फर्क खाने की संस्कृति को लेकर था। अमन ने बताया कि भारत में बाहर खाना अक्सर लग्जरी माना जाता है, जबकि सिंगापुर में यह एक प्रैक्टिकल जरूरत है। हॉकर सेंटर्स में सस्ता और अच्छा खाना मिल जाता है, जबकि घर पर खाना बनाने में किराने का खर्च और समय दोनों ज्यादा लगते हैं। उन्होंने माना कि भारतीयों को इस सोच के साथ खुद को ढालने में वक्त लगता है।

तीसरा अनुभव डिजिटल गवर्नेंस को लेकर था। अमन ने Singpass ऐप को “mind-blowing” बताया, जिसके जरिए टैक्स, हाउसिंग, हेल्थकेयर और बैंकिंग जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाती हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यहां आकर उन्हें याद ही नहीं कि आखिरी बार Xerox मशीन कब देखी थी।

न पड़ोसियों की दखलअंदाजी, न बेवजह की बातें

चौथा और सबसे निजी बदलाव था सोशल कल्चर। अमन ने कहा कि सिंगापुर में लोग अपनी-अपनी जिंदगी से मतलब रखते हैं। न पड़ोसियों की दखलअंदाजी, न बेवजह की बातें। शुरुआत में यह ठंडा लगा, लेकिन धीरे-धीरे प्राइवेसी उन्हें लग्जरी जैसी महसूस होने लगी।

अमन ने माना कि सिंगापुर महंगा जरूर है, लेकिन इसके बदले मजबूत सिस्टम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलता है। उन्होंने इसे एक लाइन में यूं समझाया- “You are paying for a bug-free operating system.”

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com