वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Digital India Security : आज का भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है। सरकार से लेकर आम नागरिक तक, हर स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार डिजिटल इंडिया, कैशलेस इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी फ्रेंडली सिस्टम की बात करते रहे हैं।
लेकिन इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म का एक चिंताजनक पहलू अब सामने आ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो कथित तौर पर नकली नोटों के खुलेआम सौदे का दावा करता है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और आम लोगों- दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें नकली नोटों का सौदा हो रहा है। बाकायदा मोबाइल नंबर दिया गया है। आखिर मोदी सरकार किस गहरी नींद में सो रही है, जो देश में फर्जी नोटों का रैकेट फल-फूल रहा है। क्या CBI-ED को सिर्फ विपक्ष के नेताओं को फर्जी केस में फंसाने के लिए रखा है?… pic.twitter.com/KZrzvUufvu — Congress (@INCIndia) January 30, 2026
वायरल वीडियो में कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X सहित अन्य साइट्स पर नकली नोटों की मोटी गड्डियां दिखाते नजर आते हैं। वीडियो में नोटों को ऐसे पेश किया जा रहा है मानो यह कोई सामान्य कारोबार हो। हैरानी की बात यह है कि वीडियो बनाने वाले न तो अपना चेहरा छिपा रहे हैं और न ही किसी तरह का डर दिखाई देता है।
इससे यह आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों का हौसला काफी बढ़ चुका है। मामले को और गंभीर बनाता है वीडियो में दिखाया गया एक मोबाइल नंबर, जिसे कथित तौर पर संपर्क के लिए बताया जा रहा है। हालांकि, एबीपी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता और यह खबर केवल सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर आधारित है।
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यह वीडियो X पर कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल @INCIndia नाम के अकाउंट से शेयर किया, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं और हजारों ने लाइक किया है। कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर लिखा- ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें नकली नोटों का सौदा हो रहा है। बाकायदा मोबाइल नंबर दिया गया है।
आखिर मोदी सरकार किस गहरी नींद में सो रही है, जो देश में फर्जी नोटों का रैकेट फल-फूल रहा है। क्या CBI-ED को सिर्फ विपक्ष के नेताओं को फर्जी केस में फंसाने के लिए रखा है? नोटबंदी के वक्त दावा किया गया था कि नकली नोटों का कारोबार खत्म हो जाएगा, जबकि हुआ ठीक उल्टा। ये नरेंद्र मोदी की विफलता का सबूत है।