सुबह 4:45 बजे बसों में चढ़ते प्रवासी मजदूर, दुबई की चमक-दमक के पीछे छुपी सच्चाई दिखाता वायरल वीडियो
Migrant Workers Dubai : दुबई से वायरल हो रहा एक वीडियो सुबह 4:45 बजे बसों में चढ़ते सैकड़ों प्रवासी मजदूरों की सच्चाई दिखा रहा है। यह वीडियो दुबई की चमक-दमक के पीछे छुपे संघर्ष और त्याग की कहानी।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट।
Dubai Viral Video : सोशल मीडिया पर इन दिनों दुबई से जुड़ा एक भावुक कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह वीडियो दुबई में रहने वाले भारतीय नागरिक पंकज चौहान ने रिकॉर्ड किया है। वीडियो में सुबह करीब 4:45 बजे का वक्त दिखाया गया है, जब सैकड़ों प्रवासी मजदूर सुरक्षा हेलमेट पहने लंबी लाइन में खड़े होकर बसों में चढ़ते नजर आते हैं।
ये सभी मजदूर रोज़ की तरह अपने काम पर जाने के लिए तैयार हैं। यह दृश्य किसी लेबर कैंप या श्रमिक आवास क्षेत्र का लगता है, जहां से मजदूरों को रोज़ाना काम के लिए ले जाया जाता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
वीडियो के साथ पंकज चौहान ने सिर्फ एक लाइन लिखी- “दुबई का हाल यही है” लेकिन यही लाइन पूरे वीडियो की कहानी बयान कर देती है। दुबई को अक्सर ऊंची इमारतों, लग्जरी लाइफ और चमक-दमक के लिए जाना जाता है, लेकिन इस वीडियो में उसका दूसरा पहलू साफ नजर आता है।
सुबह अंधेरे में घर से निकलना, लंबी ड्यूटी के लिए बस पकड़ना और परिवार से दूर रहकर मेहनत करना यही इन मजदूरों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी है। वीडियो में मजदूरों के चेहरे पर थकान जरूर दिखती है, लेकिन उनके कदमों में जिम्मेदारी और मजबूरी दोनों झलकती हैं।
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परिवार से दूर रहने का दर्द बहुत भारी होता है
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। कई यूजर्स ने लिखा कि विदेश में पैसा तो मिल जाता है, लेकिन परिवार से दूर रहने का दर्द बहुत भारी होता है। एक यूजर ने कहा, “भारत से बढ़कर कुछ नहीं और परिवार से बढ़कर कोई दौलत नहीं।”
वहीं कुछ लोगों ने बताया कि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में भी मजदूरों की हालत कुछ ऐसी ही है। यह वीडियो उन लोगों के लिए एक आईना है, जो बिना वजह अपने देश में शिकायत करते रहते हैं। दुबई की चमक के पीछे छुपी यह सच्चाई दिखाती है कि बेहतर भविष्य की कीमत कई बार अकेलापन और संघर्ष होती है।
