वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
AI Impact Summit 2026 : नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 में इस बार एक खास रोबोटिक डॉग आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा। देखने में बिल्कुल असली कुत्ते जैसा यह स्मार्ट उपकरण उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का शानदार उदाहरण है।
इसे विशेष परिस्थितियों में निगरानी और सुरक्षा कार्यों के लिए तैयार किया गया है। एक बार दिशा तय कर देने के बाद यह 24 घंटे तक लगातार निर्धारित क्षेत्र की तस्वीरें और वीडियो नियंत्रण कक्ष तक भेज सकता है। समिट में मौजूद विशेषज्ञों और आगंतुकों ने इसे भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बताया।
नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 में Galgotias University ने भारत मंडपम में 350 करोड़ रुपये से अधिक के अपने व्यापक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम का प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय ने खुद को देश के प्रमुख निजी AI निवेशकों में शामिल करते हुए NVIDIA आधारित सुपरकंप्यूटिंग,… pic.twitter.com/snTDTaf8LW — डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) February 16, 2026
यह रोबोटिक डॉग खासतौर पर सुरक्षा और रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। फिलहाल इस तरह की तकनीक का उपयोग सेना और सुरक्षाबल कर रहे हैं। यदि किसी स्थान पर विस्फोटक होने की आशंका हो, तो जवानों को सीधे खतरे में डालने के बजाय इस उपकरण को मौके पर भेजा जा सकता है।
यह संदिग्ध क्षेत्र की लाइव तस्वीरें भेजता है, जिससे हालात का सटीक आकलन किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा प्रबंधन, सीमावर्ती इलाकों की निगरानी और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा में यह तकनीक गेम चेंजर साबित हो सकती है।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यह उपकरण बिना थके लंबे समय तक काम कर सकता है। खासकर रात के समय या खराब मौसम जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी इसकी कार्यक्षमता बनी रहती है। यही वजह है कि समिट में यह डिवाइस चर्चा का विषय बना रहा।
भारत समेत दुनिया भर में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच ऐसी उन्नत तकनीक भविष्य की आवश्यकता बनती जा रही है। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने साफ संकेत दिया है कि आने वाला दौर स्मार्ट मशीनों और स्वचालित प्रणालियों का होगा, जो न केवल सहूलियत देंगी बल्कि जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।