Kanwar Yatra Route: ABAP की बड़ी मांग, शांतिपूर्ण और सुरक्षित यात्रा के लिए बंद हों मांस-शराब की दुकानें
Kanwar Yatra Route: उत्तराखंड में अखाड़ा परिषद ने कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण बनाने के लिए सरकार से मार्ग पर स्थित सभी मांस और शराब की दुकानों को तुरंत बंद करने की एक अहम मांग की है।
- Written By: प्रिया सिंह
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर और मीडिया समन्वयक करौली शंकर महादेव (सोर्स-IANS)
Kanwar Yatra Route ABAP Demands Meat And Liquor Shops Ban: उत्तराखंड में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक बहुत ही बड़ी और अहम मांग की है। परिषद ने राज्य सरकार से इस पवित्र यात्रा को शांतिपूर्ण और पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का विशेष आग्रह किया है। इसके लिए सरकार से यात्रा मार्ग पर स्थित सभी मांस और शराब की दुकानों को तुरंत हटाने या बंद करने को कहा गया है। संतों का स्पष्ट मानना है कि इन दुकानों की मौजूदगी से यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं बहुत ज्यादा आहत होती हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर और मीडिया समन्वयक करौली शंकर महादेव ने आईएएनएस से इस बारे में खास बातचीत की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अखाड़ा परिषद और संतों की ओर से यह अहम मांग सरकार के सामने बहुत ही प्रमुखता से रखी जाएगी। पूरी कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाली सभी मांस-मदिरा की दुकानों को पूरी तरह से वहां से हटाया जाना चाहिए। ऐसा कड़ा कदम उठाने से यात्रा के दौरान किसी भी तरह के बड़े विवाद और अव्यवस्था से बहुत ही आसानी से बचा जा सकता है।
नशे से बढ़ता है बड़ा विवाद
करौली शंकर महादेव ने स्पष्ट किया कि शराब और अन्य नशे की दुकानों का इस पवित्र यात्रा पर बहुत ही बुरा दुष्प्रभाव पड़ता है। जब कांवड़िये अपनी इस बड़ी धार्मिक यात्रा में लगे होते हैं, तो कई बार नशे का सेवन करने वाले लोगों से उनका टकराव हो जाता है। राह चलते लोगों या स्थानीय निवासियों के नशे में होने के कारण वहां अव्यवस्था और फसाद की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। इसलिए सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसी दुकानों को यात्रा के दौरान बंद करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है।
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नकारात्मक प्रभाव से सख्त बचाव
संतों का यह भी कहना है कि कांवड़िये पूरी तरह से सात्विक विचारधारा के साथ पवित्र गंगा जल लेने अपने घर से हरिद्वार निकलते हैं। ऐसे में रास्ते में खुलेआम मांस और मदिरा जैसी चीजें देखकर उनके पवित्र मन पर बहुत ही गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन्हीं सब कारणों से समाज में कई तरह के विकार और गंभीर समस्याएं भी लगातार बहुत तेजी से पैदा होने लगती हैं। इनसे बचने के लिए राज्य सरकार को बहुत ही कठोर और बड़े कदम उठाने की इस समय सख्त आवश्यकता है।
प्रशासन के सामने उठेगा अहम मुद्दा
कांवड़ यात्रा को लेकर करौली शंकर महादेव ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को स्थानीय प्रशासन के साथ होने वाली बैठकों में भी उठाया जाएगा। अखाड़ा परिषद की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री और प्रशासन से इस मामले में आवश्यक कदम उठाने की अपील की जाएगी। यात्रा के दौरान इन दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए ताकि कोई उपद्रव न हो। संतों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक लगाई जाएगी तो कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
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शांतिपूर्ण कांवड़ यात्रा का लक्ष्य
शराब और मांस-मदिरा जैसी चीजें कई बार अनावश्यक तनाव और बड़े विवाद की खतरनाक स्थिति पैदा कर देती हैं। इसलिए इन चीजों पर रोक लगने से काफी हद तक असामाजिक समस्याओं पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सकेगा। सरकार को इस दिशा में निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि यह यात्रा सुगमता से पूरी हो सके। इससे लाखों शिव भक्तों को अपनी पवित्र कांवड़ यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी करने में मदद मिलेगी।
