
भगत सिंह कोश्यारी ने किया देहदान, फोटो- सोशल मीडिया
Bhagat Singh Koshyari Body Donation: मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए वरिष्ठ राजनेता भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी मृत्यु के पश्चात नेत्रदान, अंगदान और पूर्ण देहदान करने का विधिवत संकल्प लिया है। दधीचि देह दान समिति के माध्यम से पंजीकृत यह निर्णय न केवल चिकित्सा शोध के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को भी दूर करेगा।
भगत सिंह कोश्यारी ने मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को चरितार्थ करते हुए समाज के समक्ष एक अत्यंत प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने जीवन के पश्चात नेत्रदान, सभी प्रत्यारोपण योग्य अंगदान तथा पूर्ण देहदान का संकल्प लिया है। गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने यह महान संकल्प अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने के विशेष और पावन अवसर पर लिया। इस महादान के लिए उन्होंने ‘दधीचि देह दान समिति, देहरादून’ के माध्यम से खुद को विधिवत रूप से पंजीकृत कराया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे श्री कोश्यारी का यह निर्णय भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का स्मरण कराता है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को भी समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर देता है। उनका यह संकल्प महर्षि दधीचि की परंपरा से प्रेरित है, जिन्होंने लोक कल्याण हेतु अपनी अस्थियों का दान कर दिया था। कोश्यारी जी का मानना है कि दुनिया में रहते हुए तो सभी एक-दूसरे की मदद करते हैं, लेकिन दुनिया से जाने के बाद भी अगर यह शरीर किसी के काम आ सके, तो यही सच्ची मानवता है। यह निर्णय न केवल चिकित्सा विज्ञान, शोध एवं शिक्षा के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होगा, बल्कि अंगदान के माध्यम से अनेक निराश जीवनों को नया प्रकाश प्रदान करेगा।
आज जब समाज में अंगदान एवं देहदान को लेकर अनेक भ्रांतियाँ और संशय व्याप्त हैं, ऐसे समय में एक वरिष्ठ, अनुभवी एवं जनप्रिय व्यक्तित्व द्वारा लिया गया यह संकल्प जन-जन में विश्वास पैदा करेगा। दधीचि देह दान समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री का यह कदम अंगदान आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।
भारत सरकार ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को वर्ष 2026 के लिए पद्म भूषण सम्मान प्रदान करने की घोषणा की है। यह ऐलान गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर किया गया। सार्वजनिक जीवन में उनके दीर्घकालीन और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान दिया जाएगा। भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना तय हुआ है। पद्म भूषण देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो शिक्षा, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है।
देहरादून की यह संस्था वर्षों से देहदान और अंगदान जैसे कार्यों के लिए जन-जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है। समिति के आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 570 लोग इस संस्था के माध्यम से देहदान का संकल्प ले चुके हैं। संस्था के माध्यम से अब तक 21 लोग सफलतापूर्वक देहदान कर चुके हैं, जिससे चिकित्सा शोध में बड़ी मदद मिली है। इसके अलावा, 47 दानदाताओं के माध्यम से कुल 94 कॉर्निया (नेत्र) दान किए गए हैं।
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समिति ने स्पष्ट किया है कि देहदान के संकल्प के लिए परिवार के कम से कम दो सदस्यों की सहमति और जानकारी अनिवार्य होती है। यदि कोई अन्य नागरिक भी मानवता की इस सेवा से जुड़ना चाहता है, तो वह समिति में संपर्क कर सकता है। समिति के सदस्य स्वयं घर जाकर संकल्प फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। कोश्यारी का यह संकल्प निस्संदेह समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को अमर बना देगा।






