

Landslide in Uttarakhand: अनिल बलूनी के दौरे के बीच बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर देवप्रयाग के पास एक बड़े भूस्खलन की घटना हुई, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। हादसे के वक्त बलूनी चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में आपदा ग्रस्त इलाकों का दौरा कर वापस ऋषिकेश लौट रहे थे।
बताया गया कि अनिल बलूनी का काफिला जैसे ही भूस्खलन वाले इलाके के पास पहुंचा, पहाड़ी से अचानक मलबा गिरना शुरू हो गया। हालात को देखते हुए सांसद की गाड़ी रोक दी गई। बलूनी खुद गाड़ी से उतरे और पीछे आ रहे लोगों को सतर्क करने लगे। लेकिन तभी पहाड़ी से इतने तेजी से मलबा गिरा कि उन्हें भी घबराकर पीछे की ओर भागना पड़ा।
घटना के बाद अनिल बलूनी ने एक वीडियो ट्वीट किया और लिखा, "उत्तराखंड में इस वर्ष आई भीषण अतिवृष्टि और भूस्खलन ने इतने गहरे घाव दिए हैं, जिन्हें भरने में बहुत समय लगेगा। कल शाम आपदा प्रभावित क्षेत्र में भूस्खलन का एक भयावह दृश्य आप सभी के साथ साझा कर रहा हूं। यह दृश्य स्वयं बता रहा है कि हमारा उत्तराखंड इस समय कितनी भीषण प्राकृतिक आपदा से गुजर रहा है।"
बलूनी ने आगे लिखा, "मैं बाबा केदारनाथ से सभी लोगों के सुरक्षित जीवन, अच्छे स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना करता हूं। आपदा की इस घड़ी में जन-जन की सेवा में लगे सभी अधिकारियों, NDRF–SDRF के जवानों, प्रशासन और कठिन परिस्थितियों में भी सड़कों से मलबा हटाने वाले कर्मचारियों के सेवाभाव की सराहना करता हूं।"
यह हादसा उस वक्त हुआ जब बलूनी बद्रीनाथ हाईवे से गुजर रहे थे। चमोली और रुद्रप्रयाग में आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद वे ऋषिकेश लौट रहे थे। देवप्रयाग के पास अचानक भारी भूस्खलन शुरू हो गया। समय रहते उनके काफिले को रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। सड़कें बंद हो चुकी हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
अनिल बलूनी ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और राहत कार्यों में लगे कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी वे जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में हम सभी को एकजुट होकर प्रभावित लोगों की मदद करनी चाहिए।