...तो ये है मनीष कश्यप के बीजेपी छोड़ने का असली कारण! 14 मिनट के VIDEO में बयां किया अपना दर्द, बोले- मुझे मजबूर किया गया

यूट्यूबर से नेता बने मनीष कश्यप ने बीजेपी को टाटा-बाय-बाय कह दिया है। फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर बेहद भावुक होते हुए मनीष कश्यप ने कहा कि अब वे बीजेपी के सदस्य नहीं हैं।
...तो ये है मनीष कश्यप के बीजेपी छोड़ने का असली कारण! 14 मिनट के VIDEO बयां किया अपना दर्द, बोले- मुझे मजबूर किया गया
मनीष कश्यप (डिजाइन फोटो)
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पटना: यूट्यूबर से राजनेता बने मनीष कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कह दिया है। मनीष ने फेसबुक पर लाइव आकर बीजेपी से इस्तीफे का ऐलान किया। मनीष कश्यप पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी में शामिल हुए थे। दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी और बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था।

मनीष कश्यप की सोशल मीडिया पर अच्छी खासी फॉलोइंग है। बिहार में सरकारी विभागों और सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार का दावा कर वे सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए थे। इसके बाद वे बीजेपी के करीब आए और पार्टी में भी शामिल हुए, लेकिन अब उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर बेहद भावुक होते हुए मनीष कश्यप ने कहा कि अब वे बीजेपी के सदस्य नहीं हैं। मनीष कश्यप ने कहा, 'मैं बीजेपी में रहते हुए खुद की मदद नहीं कर पाया, दूसरों की क्या मदद कर सकता हूं।'

वीडियो में बताया पार्टी छोड़ने का कारण

वीडियो में उन्होंने बताया है कि उन्होंने पार्टी क्यों छोड़ी। मनीष कश्यप ने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपना सबकुछ समर्पित कर दिया, लेकिन अब उन्हें यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कश्यप ने कहा कि वे विभिन्न मंचों के जरिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने संकेत भी दिया कि वे विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

2020 में लड़ा था विधानसभा चुनाव

मनीष कश्यप ने 2020 में बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और तब उन्होंने लोगों को अपना आधिकारिक नाम भी बताया था। उनका आधिकारिक नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

कैसे चर्चा में आए थे मनीष कश्यप?

मनीष कश्यप उस समय जबरदस्त चर्चा में आए थे जब उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों को परेशान किया जा रहा है। तमिलनाडु सरकार ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बाद में मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

लोगों से पूछा-कहां से लड़ें चुनाव?

देखना होगा कि कश्यप किस सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने लोगों से पूछा है कि उन्हें कहां से चुनाव लड़ना चाहिए और किस पार्टी से चुनाव लड़ना चाहिए या फिर अकेले ही लड़ना चाहिए। बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सोशल मीडिया पर मनीष कश्यप के पार्टी छोड़ने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सियासत-ए-बिहार: 10 साल पुरानी गलती छीन लेगी नीतीश की कुर्सी? लालू के एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ से जन्मी RJD तो दूसरे ने फूंकी जान

पटना मेडिकल कॉलेज में हुई थी झड़प

आपको बता दें कि हाल ही में मनीष कश्यप की पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में जूनियर डॉक्टरों से झड़प हुई थी। आरोप था कि डॉक्टरों ने न सिर्फ उनके साथ बदसलूकी की बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इस घटना से मनीष काफी आहत हुए, क्योंकि बीजेपी का कोई बड़ा नेता उनके समर्थन में आगे नहीं आया। उन्होंने खुद रोते हुए इस अनदेखी को सार्वजनिक किया और पार्टी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडे पर भी हमला बोला।

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