महारुद्र अभिषेक और मंत्रोच्चार के बीच खुले बद्री विशाल के द्वार, पहली बार दिखा सजावट का ऐसा अनोखा अंदाज
Badrinath Dham: भगवान बद्री विशाल के कपाट ग्रीष्मकाल हेतु खोल दिए गए हैं। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित हजारों श्रद्धालुओं ने 24 कुंतल फूलों से सजे भव्य मंदिर के दर्शन किए।
- Written By: अक्षय साहू
बद्रीनाथ धाम (फाइल फोटो सौ- सोशल मीडिया)
Badrinath Kapat Opening: भगवान बद्री विशाल के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। शुभ मेष लग्न में विधि-विधान के साथ कपाट उद्घाटन की प्रक्रिया पूरी की गई। इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ हजारों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए।
पूरे बद्रीनाथ धाम में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कपाट खुलने से पहले मंदिर को बेहद भव्य और आकर्षक ढंग से सजाया गया। इस वर्ष की सजावट विशेष रही, क्योंकि लगभग 24 कुंतल फूलों से मंदिर परिसर को सजाकर भगवान बद्री विशाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे फूलों की सुगंध और सौंदर्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
CM पुष्कर सिंह धामी ने किया दर्शन
इसके अलावा, इस बार एक नई पहल के तहत सिंहद्वार के पास फलों से भी सजावट की गई। पहली बार फलों का उपयोग कर मंदिर को सजाया गया, जिसने परंपरा में नवीनता का सुंदर स्पर्श जोड़ा और सभी का ध्यान आकर्षित किया।
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#WATCH | चमोली, उत्तराखंड: श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर परिसर को खूबसूरती से सजाया गया है। pic.twitter.com/gvkhGJE2iO — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 23, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बद्रीनाथ धाम पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। साकेत चौराहे पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इसके पश्चात वे मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
बाबा बद्रीनाथ जी के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए The doors of Lord Badrinath have been opened for devotees with full rituals and traditions. pic.twitter.com/zoLhmv90H6 — 12 Jyotirlingas Of Mahadev (@12Jyotirling) April 23, 2026
सुबह 4:30 बजे खुले मंदिर के कपाट
कपाट खोलने की प्रक्रिया सुबह 4:30 बजे से ही प्रारंभ हो गई थी। परंपराओं का पालन करते हुए सबसे पहले माता लक्ष्मी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया। इसके बाद दक्षिण द्वार से भगवान कुबेर और उद्धव जी की मूर्तियों को मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया। दोनों को गर्भगृह में स्थापित किया गया, जबकि माता लक्ष्मी अपने स्थान पर विराजमान हुईं।
पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम्
निकट गंगा बहत निर्मल श्री बदरीनाथ विश्व्म्भरम्। भू बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि विधान के साथ खोले गए। इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। श्रीहरि नारायण आपके सभी मनोरथ पूर्ण करें। जय बदरीविशाल! pic.twitter.com/ThbKCW50ec — Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) April 23, 2026
सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत और परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किए गए। इस प्रकार पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और भव्यता के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले गए, जिससे भक्तों में अपार उत्साह और आस्था का संचार हुआ।
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एक दिन पहले खुले थे केदारनाथ के कपाट
इससे एक दिन पहले 22 अप्रैल को चार धाम में से एक केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए थे। जहां हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। इस दैरान सीएम धामी ने अपने परिवार के साथ केदारनाथ धाम मंदिर में पूजा अर्चना की थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए खुशी जताई थी।
इस अवसर पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य जी ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद सभी सनातन धर्मावलंबी अगले छः माह तक भगवान बदरी विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ लेकर अपना जीवन धन्य बना सकते हैं।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वश्री स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि, स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर,स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरि, मन्दिर समिति के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी, विजय कपरवाण, डा बृजेश सती, अशोक टोडरिया, आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी , अनिल भारद्वाज, किरण जानी, देवानन्द शुक्ल, देवेन्द्र पाण्डेय, सुरेश जानी सहित सहित अनेक गणमान्य भक्त उपस्थित रहे।
