

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस बार मुद्दा सुरक्षा का है और सवाल उठा है कि जेड प्लस कवर कितना सुरक्षित है? समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र सरकार के सामने गंभीर मांग रखी है। पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव की सुरक्षा को और मजबूत किया जाए।
फिलहाल अखिलेश यादव को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। पार्टी प्रमुख की एनएसजी सुरक्षा बहाल करने की मांग करते हुए सपा का कहना है, 'प्रदेश और देश में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अखिलेश यादव को तत्काल पहले जैसी एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) सुरक्षा बहाल की जानी चाहिए।'
यह मांग ऐसे समय में आई है जब देश में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक मतभेदों के कारण विपक्षी नेताओं की सुरक्षा जानबूझकर कम की जा रही है।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह सिर्फ सुरक्षा की मांग नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। जो इस सवाल को जन्म देता है कि अगर एक पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय नेता सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?
सपा इस मांग के जरिए सरकार पर दबाव भी बना रही है, और अपने नेता की राष्ट्रीय नेता के तौर पर छवि को और मजबूत करना चाहती है। अगला कदम किसका होगा? अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। यहां देखने वाली बात यह है कि क्या अमित शाह के नेतृत्व वाला गृह मंत्रालय अब अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए एनएसजी सुरक्षा बहाल करेगा?
कई बार आम लोग देश में सुरक्षा व्यवस्था की श्रेणियों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि जेड+ सुरक्षा मुख्य रूप से किसके लिए है और एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) सुरक्षा किसके लिए है। जेड+ सुरक्षा मुख्य रूप से किसी खास व्यक्ति की सुरक्षा के लिए होती है। इसमें कमांडो और सुरक्षाकर्मियों की एक टीम संबंधित व्यक्ति के चारों ओर सिक्योरिटी सर्किल बनाकर काम करती है।
इसका उद्देश्य व्यक्तिगत खतरों से सुरक्षा है। लेकिन जब यह राष्ट्रीय स्तर पर किसी विचार, आंदोलन या बड़े समूह की सुरक्षा से जुड़ा हो, तो सिर्फ जेड+ ही काफी नहीं होता। ऐसी स्थिति में एनएसजी की जरूरत होती है। एनएसजी कोई सामान्य सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, बल्कि एक विशेष बल है, जिसे असाधारण परिस्थितियों में ही तैनात किया जाता है।
जहां खतरा व्यक्ति से ज्यादा उससे जुड़े प्रभाव, पद या समूह पर होता है। इसलिए जब बात किसी पूर्व मुख्यमंत्री, विपक्षी दल के राष्ट्रीय नेता या व्यापक जन समर्थन वाले व्यक्ति की आती है, तो सिर्फ जेड+ नहीं बल्कि एनएसजी जैसी सुरक्षा उन्हें सुरक्षा प्रदान करती है।