पुलिस की हिरासत में अंशिका सिंह। इमेज-सोशल मीडिया
Gorakhpur News : गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में मंगलवार की रात एक जन्मदिन का जश्न खूनी संघर्ष में बदल गया। सड़क पर केक काटकर खुशियां मना रही एक महिला की एक गलती ने न केवल उसे जेल पहुंचा दिया, बल्कि उसके काले कारनामों के ऐसे राज खोले कि पुलिस भी दंग रह गई। आरोपी महिला, अंशिका सिंह, जिसे अब तक सिर्फ एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर समझा जा रहा था, वह दरअसल हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के एक बड़े खेल की मास्टरमाइंड निकली।
घटना कैंट थाना क्षेत्र के एक मॉडल शॉप के पास की है। अंशिका सिंह दोस्तों के साथ बीच सड़क पर जन्मदिन मना रही थी। इसी बीच एक निजी अस्पताल के मैनेजर विशाल मिश्रा वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि विशाल की पत्नी पर अंशिका के बढ़ते प्रभाव को लेकर दोनों में पुरानी रंजिश थी। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि अंशिका ने पिस्टल निकाल ली। हाथापाई के दौरान अंशिका ने गोली चला दी, जो विशाल के साथी अमिताभ निषाद के पेट में जा लगी। घायल अमिताभ का फिलहाल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
अंशिका सिंह की गिरफ्तारी के बाद जब जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। इंस्टाग्राम पर 7.5 लाख फॉलोअर वाली यह महिला कोई साधारण इन्फ्लुएंसर नहीं, बल्कि एक पेशेवर ठग है।
अंशिका का मुख्य धंधा प्रभावशाली लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसाना था। इसके बाद वह उन्हें फर्जी केसों में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती थी।
रिपोर्ट के मुताबिक उसके ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के शिकार होने वालों में आम नागरिक ही नहीं, बल्कि कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। विशाल मिश्रा का आरोप है कि अंशिका पहले भी उससे 50000 रुपये ऐंठ चुकी थी।
देश के समस्त न्यूज चैनलों पर प्रसारित कल गोरखपुर में एक प्रेमिका द्वारा अपने प्रेमी को गोली मारने की खबर पूर्णतः भ्रामक हैं। गोरखपुर में युवक को गोली मारने वाली इस लड़की का नाम अंशिका सिंह है। जो कि युवक की प्रेमिका नहीं एक शातिर ठग है। इसके इंस्टाग्राम पर साढ़े सात लाख के करीब… pic.twitter.com/UVlDYGpWgh — NCIB Headquarters (@NCIBHQ) January 22, 2026
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अंशिका का आपराधिक इतिहास पुराना है। अक्टूबर 2025 में उसने दिल्ली से एक महिंद्रा थार रेंट पर ली और फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे गायब कर दिया था। इस मामले में उसके साथी पकड़े गए थे, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार चल रही थी। जन्मदिन की रात हुई इस फायरिंग ने उसे कानून के शिकंजे में ला दिया।
गोरखपुर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल जब्त कर ली है। अंशिका और उसके दो सहयोगियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अंशिका के फोन के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही, ताकि उसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। पुलिस ने जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति इस हनी ट्रैप या ब्लैकमेलिंग रैकेट का शिकार हुआ है तो वह बेझिझक सामने आए, ताकि इस शातिर अपराधी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।