भरण-पोषण मामले में पवन सिंह की गैरहाजिरी पर कोर्ट सख्त, ज्योति सिंह पर भी लगाया 500 रुपये का हर्जाना

Pawan Singh court Case: भरण-पोषण मामले की सुनवाई में पवन सिंह के अदालत में पेश नहीं होने पर सोमवार को बलिया परिवार न्यायालय ने 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।
Pawan Singh Fined Rs 1,000 for Missing Ballia Court Hearing in Maintenance Case
पवन सिंह- ज्योति सिंह(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pawan Singh Jyoti Singh Case: भोजपुरी एक्टर (MLC) पवन सिंह पर कोर्ट ने 1 हजार का जुर्माना लगाया है। भरण-पोषण मामले में सोमवार को परिवार न्यायालय में सुनवाई हुई। पवन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए, जबकि उनकी पत्नी ज्योति सिंह कोर्ट पहुंची थीं।

अदालत ने पवन सिंह को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।

अदालत ने समय पर सबूत न देने के मामले में ज्योति सिंह पर भी 500 रुपये का हर्जाना लगाया है। पिछली सुनवाई में भी न्यायालय ने पवन सिंह को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद सोमवार को वह अदालत नहीं पहुंचे।

सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने बातचीत में कहा- मामला कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने बातचीत में कहा- मामला कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।

22 अप्रैल 2022 को दाखिल की थी याचिका

ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में अंतरिम भरण-पोषण के लिए याचिका दाखिल की थी। इसके बाद से मामले की सुनवाई चल रही है। दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने के लिए कोर्ट ने काउंसलिंग भी कराई, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका।

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पवन सिंह ने बिहार के आरा जिले के पारिवारिक न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद ज्योति सिंह ने बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका दाखिल की। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।'पवन जी को बार-बार कोर्ट बुलाया जाता है, लेकिन आते नहीं'

सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने बातचीत में कहा- मामला कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। पवन सिंह को बार-बार कोर्ट बुलाया जाता है, लेकिन वह पेश नहीं होते।

उन्होंने कहा कि इससे उन्हें काफी परेशानी होती है। उनके पिता की तबीयत भी ठीक नहीं है और वह खुद भी बलिया में नहीं रहती हैं। हर तारीख पर उन्हें बाहर से बलिया आना पड़ता है। ज्योति ने कहा, "मैं हर डेट पर बार-बार आती हूं। वो चार साल से यहां पर नहीं आए हैं, एक भी डेट पर नहीं आते हैं, तो परेशानी तो होती है।"

17 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। कोर्ट से उम्मीद के सवाल पर ज्योति सिंह ने कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद अदालत से ही है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है और उन्हें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।

ज्योति सिंह ने कहा कि मुझे वहां रहने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि इस बारे में उनकी बातचीत भी हुई थी। उनके मुताबिक, पवन सिंह के बड़े भाई की ओर से एक ऑडियो में उन्हें वहां आकर दिखाने की बात कही गई थी। ज्योति ने कहा कि उन्हें ऐसी धमकियां मिलती हैं और हर व्यक्ति के अंदर स्वाभिमान होता है।

पवन सिंह की मां की तबीयत खराब होने की जानकारी ज्योति सिंह को सोशल मीडिया के जरिए मिली थी। उन्होंने पवन सिंह के नंबर पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उनके पास पवन सिंह का वर्तमान सक्रिय नंबर भी नहीं है।

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ज्योति ने अपने भाई को उनकी सास की तबीयत की जानकारी लेने के लिए भेजा था। भाई से मिली जानकारी के अनुसार उनकी सास अब ठीक हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आ गई हैं। ज्योति सिंह ने बताया कि पवन सिंह से उनकी आखिरी बातचीत लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी। चुनाव प्रचार के समय दोनों के बीच बात हुई थी, इसके बाद बातचीत नहीं हुई।

तब भी कोर्ट ने लगाया था 1 हजार का जुर्माना

9 सितंबर को भी कोर्ट नहीं पहुंचे थे पवन सिंह 9 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में भी ज्योति सिंह अदालत में मौजूद थीं, जबकि पवन सिंह पेश नहीं हुए थे। उनकी अनुपस्थिति पर कोर्ट ने 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

अब सोमवार की सुनवाई में भी पवन सिंह के पेश नहीं होने पर कोर्ट ने उन्हें 17 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है।

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