

Annapurna Temple Varanasi: अन्नपूर्णा मठ मंदिर में धनतेरस के दिन स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की प्रतिमा दर्शन और भक्तों को खजाने के रूप में सिक्कों का वितरण किया जाएगा। बाबा विश्वनाथ को अन्न-धन की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा अपने भक्तों पर कृपा बरसाएंगी।
मुहूर्त पूजन मंगल बेला में सुबह तीन बजे से पूजन शुरू होगा पौने पांच तक शविधि पूजन होगा आम भक्तों क़े लिये पांच बजे पट खुलेगा। धनतेरस के दिन निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और पांच दिनों तक श्रद्धालु माता के स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा, भूमि देवी, लक्ष्मी और रजत महादेव के दर्शन कर सकेंगे।
बुधवार को महंत शंकर पुरी ने बांसफाटक स्थित काशी अन्नपूर्णा क्षेत्र के सभागार में प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। महंत ने बताया कि धनतेरस पर इस बार बहुत ही शुभ योग निर्मित हो रहा है। देश में समृद्धि रहेगी और कोष भरा रहेगा। अभिजीत मुहूर्त के भोर में माता का विधिविधान से पूजन व आरती के बाद खजाने और 21 किलो रजत खजाना की पूजा की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष में पांच दिन भक्तो को दर्शन होगा स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे। 6 नवंबर धनतेरस के दिन खजाना वितरण होगा, जो मंदिर बंद होने तक श्रद्धालु ले सकेंगे। 10 नवंबर,अन्नकूट महोत्सव के दिन लड्डूओ की झांकी सजेगी, वही रात्रि 11.30 बजे माता की महा आरती होगी, इसके पश्चात एक वर्ष के लिए स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का कपाट बंद कर दिया जाएगा।
भक्तों को बांसफाटक से होते गेट नंबर एक ढुंढिराज से मन्दिर् पहुंचेंगे, वहां बनी अस्थायी सीढियों से होते हुए स्वर्णमयी माता का दर्शन करके श्रद्धालु कालिका गली से बाह्र्र् निकलेंगे।
प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के लिए कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी की जाएगी। वही एक मेडिकल टीम भी रहेगी जो आये भक्तों के उपचार हेतु परिषर मे ही रहेगी और जगह-जगह सेवादार तैनात रहेंगे और उन्होंने बताया कि मंदिर आने वाले सभी दर्शनार्थियों को सुगम दर्शन मिले ऐसा होगा इंजाम।
पांच दिन होगा दर्शन, धनतेरस के दिन सुबह 5 बजे से 11:30 बजे तक स्वर्णमयी प्रतिमा का दर्शन और खजाना वितरण, वही 6 नवंबर से 10 नवंबर तक सुबह 5 बजे से रात्रि 11:15 बजे तक भगवती अन्नपूर्णा का दर्शन कर सकेंगे।