यूपी विधानसभा में शोक प्रस्ताव के दौरान बजा मोबाइल, स्पीकर महाना ने मार्शल भेजकर विधायक का फोन कराया जब्त

UP News: यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि दी जा रही थी। इसी दौरान भाजपा विधायक चौधरी बाबू लाल का मोबाइल बज गया जिसपर विधानसभा अध्यक्ष ने उसे जब्त करने का आदेश दिया
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उत्तर प्रदेश विधानसभा, फोटो- सोशल मीडिया
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UP Vidhan Sabha MLA Mobile Seized: उत्तर प्रदेश विधानसभा के भीतर मंगलवार को अनुशासन की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जब सदन दिवंगत सदस्यों को याद करते हुए शोक प्रस्ताव पास कर रहा था, उसी गंभीर माहौल में एक मोबाइल फोन की रिंगटोन ने खलल डाला।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे सदन की गरिमा का उल्लंघन माना और तत्काल मार्शल को इशारा कर भाजपा विधायक चौधरी बाबू लाल का मोबाइल फोन जब्त करवा लिया।

भाजपा विधायक चौधरी बाबू लाल का मोबाइल जब्त

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल या उसे साइलेंट मोड पर न रखना नियमों के विरुद्ध है। मंगलवार को सदन में जब शोक प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी, तब भाजपा विधायक चौधरी बाबू लाल का मोबाइल एक-दो बार बजा। स्पीकर सतीश महाना ने इसे सदन की कार्यवाही में व्यवधान माना और मार्शल टीम के सदस्य को इशारा कर फोन जब्त करने का निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद के नियमों के अनुसार, सदन के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल वर्जित है और यदि कोई सदस्य फोन अंदर लाता भी है, तो उसे अनिवार्य रूप से साइलेंट मोड पर रखना होता है।

दो दिग्गज नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

सत्र के दूसरे दिन दो प्रमुख पूर्व विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव पास किया गया:

• प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल (भाजपा): बरेली की फरीदपुर सीट से दूसरी बार निर्वाचित हुए प्रोफेसर लाल का निधन 2 जनवरी को हुआ था। वे इतिहास संकलन समिति बरेली और जेएनयू (JNU) की कार्यसमिति के भी सदस्य थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं ने उन्हें एक मिलनसार, शिक्षित और जमीन से जुड़ा नेता बताया।

• विजय सिंह गौड़ (सपा): आठ बार के विधायक रहे विजय सिंह गौड़ का निधन 8 जनवरी को हुआ था। वे मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री भी रहे थे। उन्हें जनजातीय समाज की एक सशक्त आवाज माना जाता था, जिन्होंने 'जल, जंगल और जमीन' के अधिकारों के लिए सदैव प्राथमिकता दी।

नेताओं ने व्यक्त की संवेदनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सदन के सभी दलों के नेताओं ने दिवंगत आत्माओं को याद किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल के जाने से विधानसभा उनके ज्ञान और जानकारी से वंचित रह गई है। वहीं, विजय सिंह गौड़ के बारे में बताया गया कि वे राजनीतिक चमक-धमक से दूर रहते थे और 1980 में पहली बार चुनकर आए थे। उन्होंने पांच बार के विधायकों के सम्मान समारोह में भी हिस्सा लेने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि यह उनके लिए 'गैर-जरूरी' है।

कल तक के लिए कार्यवाही स्थगित

शोक प्रस्ताव पर चर्चा और श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन के दोनों पूर्व सदस्यों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रेषित कीं। इसके पश्चात, सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए और दिवंगत नेताओं के सम्मान में विधानसभा की कार्यवाही को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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