पुलिस हिरासत में चीनी महिला (सोर्स- सोशल मीडिया)
Chinese woman in India: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में भारत-नेपाल सीमा पर पगडंडी के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश करते समय एक महिला को पकड़ा गया। महिला के पास वीजा और पासपोर्ट नहीं था। सुरक्षा एजेंसियों ने 36 घंटे की पूछताछ के बाद महिला की पहचान की। हालांकि, भारत में घुसने का उसका मकसद अभी भी पता नहीं चल पाया है।
एजेंसियों का शक गहरा गया है और वे अपनी जांच जारी रखे हुए हैं। भाषा की दिक्कत और दस्तावेज न होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी पहचान कर पाना मुश्किल साबित हो रहा था। जिसके बाद वाराणसी से इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक टीम को मदद के लिए बुलाया गया तब उसकी पहचान हो पाई।
महिला की गिरफ्तारी के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों ने उससे लंबी पूछताछ की। महिला की भाषा समझने में भी दिक्कतें आईं, जिसके चलते वाराणसी से इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेषज्ञों को शामिल किया गया। महिला पर फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे शनिवार देर शाम जेल भेज दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियां महिला की घुसपैठ की जांच जारी रखे हुए हैं। वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि पगडंडी के रास्ते चीनी महिला को भारतीय क्षेत्र में घुसने में किसने मदद की। सुरक्षा एजेंसियों के लिए भारत के बड़े शहरों में उसके इरादे वाली जगह का पता लगाना बहुत ज़रूरी माना जा रहा है।
अधिकारियों की पूछताछ और जांच में पता चला है कि 36 साल की विदेशी महिला का नाम जेहुआ। वह पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के सिचुआन प्रांत स्थिति अबा काउंटी, ग्रुप 1 के डुवो कुन गांव की रानमू चाली टाउनशिप की रहने वाली है। हालांकि उसका भारत में घुसने का मकसद अभी नहीं पता चल सका है।
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स्टेशन हाउस ऑफिसर पुरुषोत्तम राव ने बताया कि बैरिया बाजार इलाके में एक विदेशी महिला को बिना पासपोर्ट और वीज़ा के भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। उस पर इमिग्रेशन एक्ट और फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21/23 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां महिला के भारत में घुसने के मकसद की जांच कर रही हैं।