ब्रह्मोस के साथ योगी की सेल्फी पर भड़के अखिलेश (फोटो- सोशल मीडिया)
लखनऊ: पाकिस्तान के साथ सैन्य टकराव और नियंत्रण रेखा पर मौजूदा हालात के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजनेताओं से रक्षा संबंधी पृष्ठभूमि का इस्तेमाल फोटो खिंचवाने के अवसर के रूप में करने से बचने की अपील की।
अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए राजनेताओं से रक्षा संबंधी पृष्ठभूमि का इस्तेमाल फोटो खिंचवाने के लिए न करने की अपील की। अखिलेश का यह कमेंट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस तस्वीर के बाद आया जिसमें वो ब्रह्मोस मिसाइल के साथ तस्वीर खींचवाते नजर आ रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर बाहर आने के बाद सपा प्रमुख ने बिना उनका नाम लिए निशाना साधा। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘वर्तमान के अति संवेदनशील माहौल में ’प्रतिरक्षा-सुरक्षा’ और भी अधिक गंभीर विषय बन गया है। राजनीतिज्ञों से आग्रह है कि कृपया इसे फोटो बैकग्राउंड अथवा सेल्फी पाइंट न बनाएं। ये आत्म-प्रदर्शन के लिए अकेले खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने की बजाय सैन्य बलों के साथ खड़े होने का समय है।’
वर्तमान के अति संवेदनशील माहौल में ’प्रतिरक्षा-सुरक्षा’ और भी अधिक गंभीर विषय बन गया है। राजनीतिज्ञों से आग्रह है कि कृपया इसे फोटो बैकग्राउंड अथवा सेल्फी पाइंट न बनाएं। ये आत्म-प्रदर्शन के लिए अकेले खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने की बजाय सैन्य बलों के साथ खड़े होने का समय है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 11, 2025
रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट का वर्चुअली उद्घाटन किया। लखनऊ में शुरू की गई एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी से हर साल 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का उत्पादन किया जाएगा। साथ ही हर साल 100 से 150 नेक्स्ट जनरेशन की ब्रह्मोस मिसाइलों का भी निर्माण किया जाएगा। ये मिसाइलें एक साल के अंदर तैयार कर दी जाएंगी।
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लखनऊ में शुरू की गई एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी को भारत की सुरक्षा के नजर से अहम कदम माना जा रहा है। अभी तक सुखोई जैसे लड़ाकू विमान सिर्फ एक ब्रह्मोस मिसाइल ही ले जा सकते हैं, लेकिन अब वे नेक्स्ट जनरेशन की तीन ब्रह्मोस मिसाइलें ले जा सकेंगे। नेक्स्ट जनरेशन की ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 300 किलोमीटर से अधिक होगी और इसका वजन 1,290 किलोग्राम होगा, जबकि वर्तमान ब्रह्मोस मिसाइल का वजन 2,900 किलोग्राम है।