SIR का मकसद किसी का नाम काटना नहीं, यूपी निर्वाचन आयोग ने और क्या कहा?
UP SIR: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि ECI किसी के दबाव में काम नहीं करता।
- Written By: रंजन कुमार
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा।
UP SIR News: उत्तर प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के मन में उठ रहे तमाम सवालों पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने कहा है कि SIR का मकसद किसी का नाम काटना नहीं है। यह मतदाता सूची को सही, अपडेट और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया है, जिससे हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में सही तरीके से दर्ज हो सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी को अपनी ड्राफ्ट मतदाता लिस्ट जारी कर दी है। कोई भी मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में बहुत आसानी से चेक कर सकता है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
घबराने की जरूरत नहीं, हो सकती है त्रुटि ठीक
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता के नाम, उम्र या अन्य विवरण में गलती है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मतदाता 6 जनवरी से 6 फरवरी के बीच निर्धारित फॉर्म भरकर अपनी त्रुटि को ठीक करा सकते हैं। BLO, तहसील कार्यालय या ऑनलाइन माध्यम से भी संशोधन का आवेदन किया जा सकता है। सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि किसी मतदाता ने SIR फॉर्म भर दिया है, लेकिन फिर भी उसका नाम मतदाता सूची में नहीं दिख रहा है तो उसे दोबारा संबंधित BLO या निर्वाचन कार्यालय में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। SIR के बाद नया मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Card) पात्र मतदाताओं को मिलेगा। संशोधन या नए नाम जुड़ने के बाद कार्ड डाक के माध्यम से भेजा जाएगा या फिर ऑनलाइन डाउनलोड की सुविधा होगी।
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किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम नहीं करता ECI
नवदीप ने कहा कि हमारी तरफ से भी कोई मानवीय या तकनीकी गलती हुई है तो उसे सुधारने का पूरा मौका दिया जा रहा है। चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था है। यह किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम नहीं करता। हमसे भी गलती हो सकती है। बीएलओ से भी त्रुटि हो सकती है। उसके लिए आपके पास समय है। आप उस गलती को ठीक करा सकते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में मतदाता सूची को अपडेट रखना बड़ी और सतत प्रक्रिया है। SIR इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि लोकतंत्र की नींव मजबूत बनी रहे और हर नागरिक का वोट सुरक्षित रहे।
