अखिलेश यादव (Image- Social Media) 
उत्तर प्रदेश

ब्राह्मण वोट बैंक से बदलेगा 2027 का खेल? योगी को हराने के लिए अखिलेश ने चला दांव, 17 जून को करेंगे बड़ी बैठक

Akhilesh Yadav Brahmin Outreach Strategy: समाजवादी पार्टी जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर बुधवार, 17 जून को ब्राह्मण समाज से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर रही है।

अर्पित शुक्ला

Samajwadi Party Brahmin Meeting: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी 17 जून को वरिष्ठ समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर ब्राह्मण समाज से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक विशेष सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। इस कार्यक्रम में पार्टी के ब्राह्मण समुदाय से आने वाले सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और कई वरिष्ठ पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।

बैठक में पार्टी के प्रमुख नेताओं में सनातन पांडे, विनय शंकर तिवारी, पवन पांडे और अभिषेक मिश्रा समेत कई चेहरे मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि यह आयोजन आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से काफी अहम है।

यूपी की राजनीति में क्यों अहम है ब्राह्मण वोट बैंक?

उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। अनुमान के मुताबिक प्रदेश में करीब 15 प्रतिशत ब्राह्मण मतदाता हैं, जिनका प्रभाव लगभग 115 विधानसभा सीटों पर देखा जाता है। वहीं राज्य के 12 ऐसे जिले हैं, जहां उनकी आबादी 15 प्रतिशत से अधिक मानी जाती है। इसके अलावा करीब 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां संख्या कम होने के बावजूद ब्राह्मण मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में रहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह वर्ग केवल मतदान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्थानीय स्तर पर माहौल बनाने और अन्य समुदायों के मतदाताओं को प्रभावित करने में भी भूमिका निभाता है।

ब्राह्मण समाज को लेकर नैरेटिव साधने की कोशिश

प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि ब्राह्मण समाज का एक वर्ग योगी सरकार से नाराज है। इस नैरेटिव को मजबूत करने के लिए विकास दुबे एनकाउंटर, कुंभ मेले के दौरान बटुकों से जुड़ी घटनाओं और अन्य एनकाउंटर मामलों का जिक्र किया जाता रहा है।

CM योगी, अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिए जनेश्वर मिश्र की जयंती का दिन चुना है। जनेश्वर मिश्र पार्टी के सबसे सम्मानित नेताओं में गिने जाते थे और समाजवादी विचारधारा के प्रमुख स्तंभ माने जाते थे। पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी उन्हें समाजवादी आंदोलन का बड़ा चेहरा बताते थे। उनके सम्मान में लखनऊ में भव्य जनेश्वर मिश्र पार्क का निर्माण कराया गया था।

क्या है सपा की रणनीति?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कार्यक्रम के जरिए समाजवादी पार्टी ब्राह्मण समाज के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास कर रही है। साथ ही पार्टी सामाजिक समावेश और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश देने की कोशिश भी करेगी। माना जा रहा है कि बैठक में ब्राह्मण समाज को लेकर भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

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