‘हमें राशन नहीं, शासन चाहिए’, यूपी चुनाव से पहले दिल्ली में संजय निषाद ने आरक्षण को लेकर भरी हुंकार

Sanjay Nishad Reservation Demand: निषाद पार्टी के संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन में संजय निषाद ने मछुआरा समाज के लिए आरक्षण की मांग उठाई, निषाद समाज को सत्ता में भागीदारी देने की मांग की।
Sanjay Nishad Warns BJP Over Fishermen’s Reservation Demand at Delhi Convention
संजय निषाद (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sanjay Nishad Statement In Delhi Convention: जैसे जैसे यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रही है, वैसे- वैसे चुनावी सरगर्मी तेज होती जा रही है। जहां एक तरफ यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल जनता को सामने लुभावने प्रस्ताव रखकर उन्हें अपने ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर निषाद समाज के लोगों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें राजनीतिक भागीदारी नही मिलेगी वह किसी भी पार्टी को समर्थन नही देने वाले है।

इसी कड़ी में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने दिल्ली में आयोजित संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन में मछुआरा समाज के लिए आरक्षण की मांग उठाई। संजय निषाद ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि मछुआरों को आरक्षण देना ही पड़ेगा। निषाद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण के मुद्दे पर किसी भी ठोस बातचीत के बिना गठबंधन और समर्थन को लेकर कोई फैसला नही होगा।

मछुआरों के आरक्षण पर अपनाया सख्त रुख

महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी ने साल 2013 से 2026 तक का सफर तय करते हुए संगठन को पहले से और ज्यादा मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि अब हम सिर्फ नाव नहीं, चुनाव वाले हैं। उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मछुआरों को आरक्षण देना ही पड़ेगा, यह बात बीजेपी भी समझ लेनी चाहिए।

संजय निषाद ने आरक्षण लागू नहीं होने पर राजनीतिक नुकसान की भी चेतावनी दी और कहा कि उनकी पार्टी मछुआरा समाज के अधिकारों के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है, उनकी प्राथमिकता समाज को आरक्षण दिलाना है।

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गठबंधन से पहले आरक्षण पर बातचीत पर दिया जोर

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि आज गांव-गांव में निषाद पार्टी का झंडा दिखाई दे रहा है। यूपी चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल निषाद समाज को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस भी निषाद समाज को टिकट देने की बात कह रही हैं, लेकिन उनकी पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आरक्षण का है।

संजय निषाद ने कहा कि बीजेपी हो या समाजवादी पार्टी...गठबंधन या समर्थन की बात आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा होने के बाद ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आरक्षण के बिना किसी राजनीतिक समझौते पर बातचीत नहीं की जाएगा और पार्टी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। निषाद समाज के अधिकारों की बात करते हुए संजय निषाद ने कहा कि जय भीम वालों ने आरक्षण लागू करवा लिया और अब जय निषादराज वाले भी अपना हक लेकर रहेंगे।

निषाद ने महासम्मेलन में पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि निषाद समाज के लोग बड़ी संख्या में दिल्ली की ओर कूच करते हैं, तो इसके व्यापक परिणाम हो सकता हैं।

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हमें राशन नहीं, शासन चाहिए

संजय निषाद ने कहा कि निषाद समाज को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं, बल्कि सत्ता और शासन में भी उचित भागीदारी चाहिए, हमें राशन नहीं, शासन चाहिए।

उन्होंने आरक्षण की मांग को लेकर, 'आरक्षण मिले तो शांति, नहीं तो होगी क्रांति' का नारा दिया। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के अधिकारों के लिए एकजुट होने और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने की भी अपील की।

बेटियों की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया

संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन में संजय निषाद ने अपने समाज की बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा भी उठाया, उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवैधानिक अधिकारों के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

दिल्ली में आयोजित इस महासम्मेलन में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज के आरक्षण, संवैधानिक सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रमुखता से मांग की। उन्होंने अपने संबोधन में साफ संकेत दिया कि उनकी पार्टी के लिए आरक्षण का मुद्दा ही राजनीतिक समर्थन और गठबंधन जैसी पहल तय करेगा।

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