सुल्तानपुर के रामचेत मोची का निधन, राहुल गांधी ने की थी मदद; गले के कैंसर का चल रहा था इलाज

Ramchet Mochi Passes Away: राहुल गांधी से मुलाकात के बाद चर्चा में आए रामचेत मोची गले के कैंसर से जूझ रहे थे; कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक, परिवार को सांत्वना देने राहुल गांधी भी आ सकते हैं।
ramchet mochi passed away
रामचेत मोची का निधन, फोटो- सोशल मीडिया
Updated on

Uttar Pradesh News: सुल्तानपुर के रामचेत मोची, जिनसे राहुल गांधी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे यात्रा के दौरान मुलाकात की थी, का निधन हो गया। राहुल गांधी ने उनके इलाज में मदद की थी और सिलाई मशीन भिजवाई थी। कांग्रेस नेताओं ने उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के गुप्तारगंज निवासी रामचेत मोची का मंगलवार को निधन हो गया। रामचेत पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी, गले के कैंसर से जूझ रहे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वे चर्चाओं में आए थे और कांग्रेस परिवार से लगातार जुड़ाव बनाए हुए थे। करीब सवा साल पहले, राहुल गांधी जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लखनऊ लौट रहे थे, तब रास्ते में उन्होंने सुल्तानपुर में रामचेत मोची के यहां रुककर उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे उनके काम, परिवार और आजीविका के बारे में विस्तार से बातचीत की थी। राहुल ने खुद उनके साथ बैठकर जूता और चप्पल सिलाई का काम भी किया था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।

राहुल गांधी ने की थी मदद

राहुल गांधी ने उस मुलाकात के बाद रामचेत को सिलाई मशीन और आधुनिक उपकरण भिजवाए थे ताकि उनका काम बेहतर ढंग से चल सके। मशीन मिलने के बाद रामचेत का कारोबार बढ़ने लगा था और उनका जीवन थोड़ा आसान हुआ था। हालांकि पिछले कुछ महीनों से वे गले के कैंसर से पीड़ित थे। राहुल गांधी ने स्वयं प्रयागराज कैंसर हॉस्पिटल में उनका इलाज कराने की व्यवस्था की थी और फोन पर लगातार उनका हालचाल लेते रहे।

स्थानीय नेता पहुंचे रामचेत के घर

मंगलवार को उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा, शहर अध्यक्ष शकील अंसारी और कई स्थानीय नेता उनके घर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को ढांढस बंधाया। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने बताया कि रामचेत के निधन की जानकारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और राहुल गांधी को दी गई है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी जल्द ही सुल्तानपुर पहुंचकर परिवार से मुलाकात कर सकते हैं।

रामचेत मोची के निधन ने सुल्तानपुर में शोक की लहर पैदा कर दी है। लोग उन्हें एक मेहनती और ईमानदार कारीगर के रूप में याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपने काम से सम्मान कमाया और राहुल गांधी जैसे बड़े नेता के स्नेह से प्रेरणा पाई।

Navbharat Live
navbharatlive.com