

Allahabad High Court PCS Result: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की PCS और सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) भर्ती-2025 के परिणामों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकलपीठ ने तीन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद PCS-2025 का अंतिम परिणाम और APO-2025 मुख्य परीक्षा का परिणाम याचिकाओं के निस्तारण तक घोषित नहीं करने का आदेश दिया है। हालांकि PCS-2025 का साक्षात्कार जारी रहेगा।
मामला मेधावी आरक्षित वर्ग (एमआरसी) के अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में समायोजित किए जाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में ऐसे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग की मेरिट में शामिल नहीं किया गया, जिन्होंने सामान्य वर्ग के कटऑफ से अधिक अंक हासिल किए थे। याचिकाकर्ताओं ने आयोग के नौ जनवरी 2020 के कार्यालय ज्ञापन और विज्ञापन संख्या-19 की उस व्यवस्था को चुनौती दी है, जिसके तहत ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के एमआरसी अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में नहीं गिना गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि बिना किसी छूट के सामान्य कटऑफ से अधिक अंक हासिल करने वाले आरक्षित अभ्यर्थियों को खुली मेरिट में शामिल नहीं करना आरक्षण अधिनियम-1994 की धारा 3(6) और समानता के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से उन आरक्षित अभ्यर्थियों के अंक और सभी श्रेणियों की कटऑफ का रिकॉर्ड तलब किया है, जिन्होंने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किए हैं। संबंधित पक्षों को एक सप्ताह में लिखित बहस दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
PCS-2025 से संबंधित याचिका संजय कुमार और तीन अन्य ने दाखिल की है, जबकि APO-2025 से जुड़ी याचिका पंकज वर्मा और दो अन्य ने दाखिल की है। APO की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 30 अप्रैल को घोषित किया गया था, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। PCS-2024 को लेकर आशीष कुमार मौर्य और चार अन्य की याचिका भी सुनवाई में शामिल रही। चयनित अभ्यर्थियों को मामले में पक्षकार बनाया गया है।
सुनवाई के दौरान PCS-2024 मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सिद्धार्थ खरे, PCS-2025 में अधिवक्ता दुर्गा शंकर शुक्ला व अभिषेक शुक्ला और APO मामले में अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी ने पक्ष रखा। सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और गौरव सिंह तथा चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सक्सेना ने पैरवी की।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार PCS-2025 का साक्षात्कार चलता रहेगा, लेकिन अंतिम परिणाम फिलहाल घोषित नहीं किया जाएगा। वहीं APO-2025 मुख्य परीक्षा का परिणाम भी याचिकाओं के निस्तारण तक जारी नहीं होगा।