

Allahabad High Court UPPSC Hearing: उत्तर प्रदेश में सहायक अभियोजन अधिकारी यानी APO भर्ती-2025 में आरक्षण व्यवस्था के अनुपालन को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया है। हलफनामे में आयोग ने प्री परीक्षा में आरक्षण व्यवस्था के अनुपालन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
UPPSC की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित सीटें केवल सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से ही भरी गई हैं। आयोग ने बताया कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी अपने-अपने आरक्षित वर्ग में ही क्वालीफाई हुए हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के इस जवाब के बाद हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से भी दलीलें पेश की गईं। सुनवाई के दौरान आरक्षण व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में इसके अनुपालन को लेकर पक्ष रखा गया।
मामले में पंकज वर्मा समेत तीन याचियों की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचियों का पक्ष अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी ने रखा। याचिका में APO भर्ती-2025 की चयन प्रक्रिया में आरक्षण के प्रावधानों के सही तरीके से अनुपालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
UPPSC का हलफनामा दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट में मामले पर बहस हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को सुबह 10 बजे होगी।
APO भर्ती-2025 से जुड़े अभ्यर्थियों की निगाहें अब अगली सुनवाई पर टिकी हैं। हाईकोर्ट में होने वाली अगली बहस के दौरान आरक्षण व्यवस्था से जुड़े इस विवाद पर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।