निलंबन के दौरान नहीं लगाई हाजिरी? भूल जाइए वेतन और पेंशन, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला!

Allahabad High Court Ruling: निलंबन काल में स्कूल में हाजिरी न देने पर वेतन व पेंशन नहीं मिलेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त शिक्षक की याचिका को खारिज कर दी।
Allahabad High Court Ruling On Suspension Period Pension
इलाहाबाद हाई कोर्टसोर्स- सोशल मीडिया
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Suspension Period Pension Rules: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निलंबन अवधि में विद्यालय में उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले कर्मचारी को वेतन, भत्ते और पेंशन संबंधी लाभ दिए जाने से इनकार किया है। कोर्ट ने मथुरा जिले के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक कांता प्रसाद की याचिका खारिज करते हुए कहा कि निलंबन काल में विद्यालय में उपस्थिति दर्ज न कराने पर संबंधित अवधि का लाभ पाने का अधिकार नहीं बनता।

1992 में किया गया था निलंबित

मामला मथुरा जिले के बौरा प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा है। कांता प्रसाद वहां प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उन्हें 10 फरवरी 1992 को निलंबित कर दिया था। आरोप था कि उन्होंने विद्यालय का चार्ज अपने उत्तराधिकारी को नहीं सौंपा था। साथ ही कैशबुक, पासबुक और चेकबुक समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने पास रखे थे।

आपराधिक मुकदमा भी हुआ दर्ज

इस मामले में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने वर्ष 1997 में उन्हें दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील और पुनरीक्षण याचिका भी दाखिल की, लेकिन दोनों में राहत नहीं मिली।

सेवानिवृत्ति के बाद मांगा लाभ

कांता प्रसाद जून 2000 में 60 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने कई प्रत्यावेदन दिए और सूचना के अधिकार के तहत भी आवेदन किया। उनकी मांग थी कि निलंबन अवधि का लाभ देते हुए वेतन, भत्ते और पेंशन संबंधी भुगतान किया जाए।

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हाईकोर्ट ने क्या कहा

न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार निलंबन अवधि में कांता प्रसाद ने विद्यालय में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई थी। ऐसे में उस अवधि के लिए उन्हें निलंबन भत्ता और पेंशन का लाभ देने का आधार नहीं बनता। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले से स्पष्ट है कि निलंबन अवधि में सेवा संबंधी नियमों का पालन और उपस्थिति का रिकॉर्ड कर्मचारी के वित्तीय लाभों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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