

Highlights:
भूमि अधिग्रहण में मुआवजे से लेकर धान खरीद तक 13 मांगें उठाईं
मुंडेरा मंडी में भाकियू ने एसडीएम सदर और एसीपी को सौंपा ज्ञापन
प्रदेश कार्यालय पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग
Prayagraj Kisan Kranti Mahapanchayat: प्रयागराज की मुंडेरा मंडी में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की किसान क्रांति महापंचायत आयोजित की गई। इसमें प्रयागराज और कौशांबी के किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एसडीएम सदर और एसीपी को 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। किसानों ने भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, धान की सरकारी खरीद, खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली और सिंचाई की समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन ने प्रदेश कार्यालय पर हुए कथित हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया।
भाकियू ने फूलपुर और हंडिया तहसील क्षेत्रों में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और एयरोसिटी परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। संगठन ने भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित गांवों में खुली बैठक कराने, सर्किल रेट का पुनरीक्षण करने और रिंग रोड के दोनों ओर प्रस्तावित 50 मीटर ग्रीन बेल्ट में आने वाली जमीन का नियमानुसार मुआवजा देने की मांग भी रखी।
संगठन ने आरोप लगाया कि 19 अक्टूबर को ट्रिपल आईटी के पास स्थित भारतीय किसान यूनियन युवा के प्रदेश कार्यालय पर 15 से 20 लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया था। आरोप है कि कार्यालय में मारपीट के साथ 2.70 लाख रुपये की चंदा राशि भी लूट ली गई। भाकियू के मुताबिक, एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। संगठन ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी दी।
महापंचायत में प्रयागराज और कौशांबी में पर्याप्त धान क्रय केंद्र खोलने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद और बिचौलियों का हस्तक्षेप रोकने की मांग की गई। प्राकृतिक आपदा से धान और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग उठी।
किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कम बिजली मिलने की समस्या उठाते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे बिजली देने, गेहूं की बुवाई के लिए समितियों पर खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने तथा नहरों की सफाई और खराब सरकारी नलकूपों की मरम्मत कराने की मांग की।
भाकियू ने संगम तट पर जुलाई में हुए जल सत्याग्रह से जुड़े मुकदमे वापस लेने, मुंडेरा मंडी में ईवीएम रखने की व्यवस्था बदलने, किसान सम्मान निधि की लंबित समस्याओं का निस्तारण, ग्रामीण सड़कों और चकरोडों की मरम्मत तथा छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग भी रखी।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।