

Kanpur Paddy Crop Damage Due to Heavy Rain: मेहनत और उम्मीद के साथ फसल को तैयार कर रहे किसानों पर एक बार फिर मौसम की मार भारी पड़ती नजर आ रही है। क्षेत्र में लगातार 48 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। पकने की ओर बढ़ चुकी धान की फसल खेतों में जमीन पर गिर गई है। हालात ऐसे हैं कि किसानों को अब अपनी तैयार फसल के सुरक्षित घर पहुंचने की चिंता सताने लगी है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात मेहनत करने के साथ फसल को पशुओं से बचाने के लिए भी लगातार निगरानी की। काफी मेहनत के बाद धान की फसल तैयार होने की स्थिति में पहुंची थी, लेकिन लगातार बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में पानी भरने से धान की बालियां जमीन से लग गई हैं और कई स्थानों पर फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है।
बारिश का असर केवल धान तक सीमित नहीं है। खेतों में पानी भरने से टमाटर, आलू और हरी सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सब्जियों के खराब होने से आने वाले दिनों में बाजार में इनके दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के सामने वे बेबस हैं। लगातार बारिश और खेतों में जमा पानी को देखकर उन्हें फसल बचने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। धान की फसल पर टिकी किसानों की आर्थिक उम्मीदें भी अब संकट में पड़ती नजर आ रही हैं। किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
गौरतलब है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की उम्मीद है। और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गयी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।