भारद्वाज आश्रम से श्रृंगवेरपुर तक दीपोत्सव की धूम, दोनों धार्मिक स्थलों पर बनेंगे भव्य दीप स्तंभ

Prayagraj Deepotsav: भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर लाखों दीपों से जगमगा उठे। डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने दोनों स्थलों पर दीप स्तंभ और भारद्वाज आश्रम में रामायण मेला आयोजित करने की घोषणा की।
Prayagraj Bharadwaj Ashram Shringverpur Dham
लाखों दीपों से जगमगाए भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम(सोर्स: नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • लाखों दीपों से जगमगाए धार्मिक स्थल

  • दोनों जगह बनेंगे स्थायी दीप स्तंभ

  • भारद्वाज आश्रम में होगा रामायण मेला

  • रामलीला मंचन और रामचरितमानस पांडुलिपि प्रदर्शनी बनी आकर्षण

Bharadwaj Ashram Shringverpur Dham: संगम नगरी में शुक्रवार को दीपों की रोशनी से धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम दृश्य साकार हुआ। महर्षि भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम सहित शहर के विभिन्न घाटों पर लाखों दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीपों की कतारों से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थल आलोकित हो उठे। दीपोत्सव के अवसर पर रामकथा आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रामायण मंचन और पांडुलिपि प्रदर्शनी ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान दिया। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दोनों स्थलों पर स्थायी दीप स्तंभ बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव को हर वर्ष पहले से अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर में बनेगा दीप स्तंभ

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महर्षि भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम प्रयागराज की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर हैं। इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोनों स्थानों पर दीप स्तंभ निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि श्रृंगवेरपुर आने वाले श्रद्धालु प्रयागराज के धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण करें और प्रयागराज आने वाले पर्यटक श्रृंगवेरपुर धाम तक पहुंचें। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

Bharadwaj Ashram Shringverpur Dham
रोशनी और आस्था का अद्भुत संगम(सोर्स: नवभारत लाइव)

भारद्वाज आश्रम में भी होगा रामायण मेला

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम की तर्ज पर महर्षि भारद्वाज आश्रम में भी रामायण मेले का आयोजन और रामलीला का मंचन कराया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और रामायण के प्रसंगों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आयोजन को सांस्कृतिक विरासत से जनसामान्य को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

रामचरितमानस की पांडुलिपियों ने खींचा ध्यान

श्रृंगवेरपुर धाम में संस्कृति विभाग की ओर से रामचरितमानस पर आधारित चित्र पांडुलिपि प्रदर्शनी लगाई गई। दोनों स्थलों पर लोक कलाकारों ने रामकथा पर आधारित रामायण का मंचन किया। दीपोत्सव के माध्यम से लोक संस्कृति, कला, साहित्य और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। उपमुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में आयोजन से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को बधाई दी।

Bharadwaj Ashram Shringverpur Dham
दिव्यांगजनों को मिला हुनर दिखाने का मंच(सोर्स: नवभारत लाइव)
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दीपों से आलोकित होगा तीर्थराज प्रयागराज, भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम में जलेंगे ढाई लाख से अधिक दीप

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

महर्षि भारद्वाज आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा, विधान परिषद सदस्य केपी श्रीवास्तव, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, उपाध्यक्ष कृतिका अग्रवाल और नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, श्रृंगवेरपुर धाम में विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

दिव्यांगजनों के हुनर से सजा दिव्य दीपावली मेला

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों के कौशल को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन परिसर में मंडल स्तरीय दिव्य दीपावली मेले का शुभारंभ शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने फीता काटकर किया। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। विधायक ने कहा कि इस तरह के आयोजन दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके हुनर को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मेले में प्रयागराज, फतेहपुर और कौशाम्बी की विभिन्न संस्थाओं ने सहभागिता की। यहां रंग-बिरंगे दीये, मिट्टी की मूर्तियां, जूट के बैग, मोतियों की मालाएं, मोमबत्तियां, धूपबत्ती और अगरबत्ती सहित हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। बचपन डे केयर सेंटर, राजकीय ममता विद्यालय, भाविनी वेलफेयर सोसाइटी, उत्तर प्रदेश मूक-बधिर विद्यालय, एसएन सेवा संस्थान, भावना दिव्यांग विद्यालय और दीपमाला जन कल्याण सेवा संस्थान सहित कई संस्थाओं ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। मेले में उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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गंगा उत्सव पर दीपों की रोशनी से रोशन होगा कानपुर का अटल घाट, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी शाम