गंगा उत्सव पर दीपों की रोशनी से रोशन होगा कानपुर का अटल घाट, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी शाम

Kanpur Atal Ghat: गंगा उत्सव का उद्देश्य गंगा नदी के प्रति आस्था के साथ उसके संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
अटल घाट
Atal Ghat(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • 4 नवंबर को गंगा उत्सव-2026 का आयोजन

  • दीपों की रोशनी से जगमगाएगा गंगा तट

  • गंगा उत्सव में जन सहभागिता की अपील

Kanpur Ganga Utsav: नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत चार नवंबर को गंगा बैराज स्थित अटल घाट पर गंगा उत्सव-2026 की मुख्य संध्या आयोजित की जाएगी। गंगा तट पर दीपोत्सव, महागंगा आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे। जिला गंगा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में गंगा की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ नदी संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।

प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आकांक्षा जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत अपराह्न 4:30 बजे सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से होगी। स्थानीय कलाकार पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीत के माध्यम से गंगा की महत्ता और लोक संस्कृति के विविध रंग प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे दीपोत्सव आयोजित होगा, जिसमें गंगा तट दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। शाम छह बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुरोहितों द्वारा महागंगा आरती की जाएगी।

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गंगा उत्सव में सहभागिता करने की अपील

गंगा उत्सव के अंतर्गत एक से तीन नवंबर तक जनपद में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें प्रभात फेरी, खेल प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां तथा स्कूल-कॉलेजों में विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को गंगा की स्वच्छता, अविरलता तथा नदी संरक्षण के महत्व से परिचित कराया गया।

आकांक्षा जैन ने बताया कि गंगा उत्सव का उद्देश्य गंगा नदी के प्रति आस्था के साथ उसके संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।

उन्होंने शहरवासियों, पर्यावरण प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं से चार नवंबर को अटल घाट पर सपरिवार पहुंचकर गंगा उत्सव में सहभागिता करने की अपील की। साथ ही गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

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