

Bankipur Hills Illegal Mining: प्रयागराज के यमुनानगर के बारा क्षेत्र में बांकीपुर की पहाड़ियों पर कथित अवैध खनन और हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे विस्फोटों से पहाड़ छलनी हो रहे हैं और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) के जिला अध्यक्ष ऋषि पांडे के नेतृत्व में करीब 400 किसान, मजदूर और ग्रामीण बांकीपुर की पहाड़ी पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कथित तौर पर चल रही ब्लास्टिंग मशीनों को घेर लिया। विरोध बढ़ने के बाद खनन कार्य रोकना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी पर दिन में चार से पांच बार तेज विस्फोट किए जाते हैं। उनका दावा है कि धमाकों का असर करीब दो किलोमीटर के दायरे में महसूस होता है। कई कच्चे-पक्के मकानों की दीवारों में दरार आने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों के मुताबिक खनन के दौरान उड़ने वाली धूल से आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। खेतों पर भी इसका असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार विस्फोट और भारी वाहनों की आवाजाही से गांव का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने पहाड़ियों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कभी हरियाली से घिरी रहने वाली पहाड़ियां लगातार ब्लास्टिंग के कारण खोखली होती जा रही हैं। तेज धमाकों और मानवीय गतिविधियों से जंगली जीव-जंतुओं के भी प्रभावित होने की बात कही गई है।
भाकियू प्रयाग के जिला अध्यक्ष ऋषि पांडे ने कहा कि ग्रामीण अब कथित अवैध खनन और ब्लास्टिंग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को बारा तहसील में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रयागराज पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो बारा से हजारों किसानों के साथ लखनऊ कूच किया जाएगा और विधानसभा घेराव किया जाएगा।
ग्रामीणों की मांग है कि बांकीपुर क्षेत्र में हो रही कथित अवैध ब्लास्टिंग और खनन की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।