

Pratapgarh Goat Train Accident: हथिगवां थाना क्षेत्र के खिदिरपुर गांव के पास बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। रेलवे ट्रैक के किनारे बकरियां चरा रही महिलाओं की करीब 35 बकरियां अचानक ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसे में सभी बकरियों की मौत हो गई। घटना के बाद पशुपालक परिवारों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, खिदिरपुर गांव की कुछ महिलाएं अपनी बकरियों को रेलवे ट्रैक के आसपास चरा रही थीं। इसी दौरान रेलवे सिग्नल हरा हुआ और कुछ समय बाद दूर से तेज रफ्तार ट्रेन आती दिखाई दी।
ट्रेन को नजदीक आता देखकर महिलाओं ने बकरियों को रेलवे ट्रैक से हटाने का प्रयास किया। वे घबराकर इधर-उधर भागते हुए बकरियों को पटरी से दूर करने की कोशिश करती रहीं, लेकिन बकरियां समय रहते ट्रैक से नहीं हट सकीं।
देखते ही देखते तेज रफ्तार ट्रेन ट्रैक पर मौजूद बकरियों को रौंदते हुए आगे निकल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन कुछ दूरी आगे जाकर रुकी, लेकिन तब तक करीब 35 बकरियों की मौत हो चुकी थी।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और पशुपालक परिवारों में मातम का माहौल रहा। जिन परिवारों की बकरियां हादसे में मारी गईं, उनके लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों के मुताबिक, इन परिवारों के लिए बकरियां केवल पशुधन नहीं, बल्कि उनकी रोजी-रोटी का प्रमुख साधन थीं।
एक साथ बड़ी संख्या में बकरियों की मौत से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना का संज्ञान लेकर प्रभावित पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मृत बकरियों का आकलन कराकर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन पर निर्भर परिवारों के लिए यह बड़ा आर्थिक झटका है।
फिलहाल ट्रेन हादसे को लेकर रेलवे बोर्ड और प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। अधिकारियों की जांच और सत्यापन के बाद मृत बकरियों की संख्या तथा नुकसान की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।