

Highlights:
प्रयागराज-वाराणसी के बीच शुरू हुई मेमू ट्रेन,पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रामबाग स्टेशन से डिप्टी सीएम केशव मौर्य और मंत्री नंदी ने दिखाई हरी झंडी
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और सीएम योगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े
मात्र 95 रुपये में महीनेभर का सफर
बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच भी शुरू हुई नई ट्रेन सेवा
220 रुपये में महीनेभर कर सकेंगे यात्रा
Prayagraj-Varanasi MEMU Train: प्रयागराज और वाराणसी के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में शनिवार को नई मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत हुई। प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन से वाराणसी के लिए इस ट्रेन का शुभारंभ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
वहीं, संगम नगरी के रामबाग स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने हरी झंडी दिखाकर मेमू ट्रेन को रवाना किया। नई सेवा से प्रयागराज और वाराणसी के बीच रोजाना आवागमन करने वाले छात्रों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही दोनों शहरों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रयागराज केवल तीन पवित्र नदियों का संगम नहीं, बल्कि आस्था, शिक्षा, न्याय और संस्कृति का भी केंद्र है। मेमू सेवा शुरू होने से राजातालाब, माधोसिंह, ज्ञानपुर रोड, हंडिया खास और झूंसी जैसे स्टेशनों से यात्रियों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सुबह बनारस से प्रयागराज आकर शाम को वापस लौटने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा समय और धन दोनों की बचत करेगी। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक रेल नेटवर्क देश को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डिप्टी सीएम ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को करीब 7746 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया जा रहा है। प्रदेश में 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन अब केवल यात्रियों के आवागमन के केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं, व्यापार और रोजगार के नए केंद्र बन रहे हैं।
मेमू ट्रेन के शुभारंभ के साथ ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए 13 सुझाव भी चर्चा में रहा।
इनमें प्रयागराज-मुंबई दुरंतो को प्रतिदिन चलाने, प्रयागराज-अहमदाबाद सुपरफास्ट को सप्ताह में तीन दिन संचालित करने और प्रयागराज से पुणे-मिरज होते हुए गोवा के लिए सीधी ट्रेन शुरू करने की मांग शामिल है। प्रयागराज-दादरी स्पेशल को नियमित करने और प्रयागराज जंक्शन पर सियालदह व अगरतला राजधानी समेत 24 ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है।
प्रस्तावों में पटना-वास्कोडिगामा एक्सप्रेस के फेरे और कोच बढ़ाने, वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत का अलीगढ़ में ठहराव देने तथा विभूति एक्सप्रेस को रामबाग के बजाय सूबेदारगंज से चलाकर 24 कोच की करने का सुझाव है। वाराणसी से रांची और देवघर जाने वाली वंदे भारत ट्रेनों का प्रयागराज रामबाग तक विस्तार करने तथा दयालपुर स्टेशन पर सरयू एक्सप्रेस का ठहराव देने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा नैनी-प्रयागराज रेल पुल को दो स्तरीय बनाकर सड़क मार्ग जोड़ने, प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों को उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत लाने और सूबेदारगंज स्टेशन का नाम बदलकर प्रयागराज कैंट करने का प्रस्ताव है। झूंसी, करछना और बमरौली स्टेशनों के नाम के आगे प्रयागराज जोड़ने का भी अनुरोध किया गया है। ये सभी प्रस्ताव रेल मंत्रालय के विचारार्थ भेजे गए हैं।