

साफ-सफाई को बढ़ावा देना के लिए ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान
आयोजन के लिए 10 से 20 हजार रुपए देगी सरकार
मुख्यमंत्री कृषक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेंगे चेक
UP Dhanteras Deepotsav: उत्तर प्रदेश की सभी मंडियों में धनतेरस यानी 6 नवंबर को दीपोत्सव मनाया जाएगा। मंडी परिषद की ओर से ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान’ के तहत यह आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मंडियों में साफ-सफाई को बढ़ावा देना, किसानों और व्यापारियों की भागीदारी बढ़ाना और मंडियों को बेहतर व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में सभी मंडी समितियों को निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, किसानों, व्यापारियों और मंडी समितियों के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। इस दौरान मंडियों को दीपों से सजाया जाएगा और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
दीपोत्सव के दौरान योगी सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा। मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक कल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र किसानों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से धनराशि के चेक या प्रारूप चेक दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और अधिक से अधिक पात्र लोगों तक इनका लाभ पहुंचाना है।
मंडियों में स्वच्छता अभियान में अच्छा काम करने वाले किसानों और व्यापारियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा समय पर भुगतान करने और व्यापारिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले व्यापारियों को भी सम्मान मिलेगा। इनके लिए प्रशस्ति-पत्र और सम्मान सामग्री की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जाएगी।
कार्यक्रम के आयोजन के लिए मंडी परिषद ने वित्तीय स्वीकृति भी दी है। इसके तहत प्रत्येक ‘क’ विशिष्ट और ‘क’ श्रेणी की मंडी को 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, अन्य मंडियों को 10 हजार रुपए प्रति मंडी मिलेंगे। इस राशि को निर्धारित नियमों और वित्तीय प्रावधानों के अनुसार खर्च किया जाएगा।
कार्यक्रम की निगरानी के लिए संबंधित संभाग के संभागीय उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। संबंधित उप निदेशक (निर्माण) आयोजन में सहयोग करेंगे। सभी मंडी समितियों को दीपोत्सव के आयोजन, उसमें हुई गतिविधियों और सम्मानित किए गए किसानों व व्यापारियों का पूरा विवरण मंडी परिषद मुख्यालय को भेजना होगा।
इसके साथ ही मंडी परिषद की योजनाओं और स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान के तहत किए गए कामों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर मंडियों की नियमित कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना है।