Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 22 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

बंदरों के बढ़ते आतंक पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार से मांगी ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना

Allahabad High Court: हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बंदरों के बढ़ते आतंक और मानव-बंदर संघर्ष की घटनाओं पर राज्य सरकार से ठोस, प्रभावी और समयबद्ध कार्ययोजना मांगी है। अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 तय की है।

  • Reported By: ओमप्रकाश सिंह परिहार | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
Updated On: Jul 21, 2026 | 07:48 PM

इलाहाबाद हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Allahabad High Court Statement: उत्तर प्रदेश में बंदरों के बढ़ते आतंक और मानव-बंदर संघर्ष की घटनाओं को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी, व्यापक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समयबद्ध और ठोस रणनीति बनाकर उसे धरातल पर लागू करना आवश्यक है।

अगली सुनवाई एक सितंबर 2026 को निर्धारित

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों में बंदरों का आतंक लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। कोर्ट ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के नेतृत्व में गठित 13 सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति से विस्तृत और व्यावहारिक योजना प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

प्रदेश के कई जिलों में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही

यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता विनीत शर्मा और बीटेक छात्र प्रजाक्ता सिंघल द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि प्रयागराज, कौशांबी, सीतापुर, बरेली, आगरा समेत प्रदेश के कई जिलों में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में 200 से अधिक बंदरों के झुंड घूमते हैं, जिससे बच्चों, किसानों और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। बंदरों के हमलों से लोगों को चोटें भी लग रही हैं और फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।

सम्बंधित ख़बरें

टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाचार्य भर्ती का इंतजार खत्म; आयोग के पोर्टल पर अपलोड हुई रिक्तियां

जीआईसी प्रवक्ता भर्ती 2025: भूगोल और समाजशास्त्र का रिजल्ट जारी, मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए 2733 अभ्यर्थी

Navabharat Nishanebaaz: अदालत में मामला काफी गंभीर, क्या ताजमहल था शिव मंदिर ?

Prayagraj: प्रयागराज के 512 परिषदीय स्कूलों को नोटिस, 10 से कम नए नामांकन पर बीएसए ने तीन दिन में मांगा जवाब

यह भी पढ़ें- Agra: विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी के शाही तालाब में मिला युवक का शव, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पर्यावरण विभाग को सौंपी गई बंदर प्रबंधन की नोडल जिम्मेदारी

सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण बंदरों के प्राकृतिक आवास और भोजन के स्रोत कम हुए हैं, जिससे मानव-बंदर संघर्ष बढ़ा है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को बताया कि बंदर प्रबंधन की नोडल जिम्मेदारी पर्यावरण विभाग को सौंपी गई है। रीसस मकाक (लाल मुंह वाले बंदर) की संख्या और प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत फील्ड सर्वे कराया जाएगा, जिसमें लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।

हाईकोर्ट ने बंदरों को पकड़ने, उनके सुरक्षित परिवहन और उपयुक्त स्थानों पर छोड़े जाने की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के प्रस्तावित एनिमल शेल्टर पर विचार करने और नगर विकास विभाग को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए स्थायी समाधान तैयार किया जाना चाहिए।

Allahabad high court seeks comprehensive action plan to tackle monkey menace

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 21, 2026 | 07:48 PM

Topics:  

  • Allahabad High Court
  • Court Hearing
  • Prayagraj News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.