

Om Prakash Rajbhar on SP Poster Controversy: सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशान साधा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने दफ्तर में राजभर समुदाय के 23 लोगों की हत्या के बारे में एक पोस्टर लगाया है। हमने कहा है कि पोस्टर लगाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन हत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार था।
उन 23 हत्याओं के मामलों में से 95 प्रतिशत आरोपी समाजवादी पार्टी के ही नेता हैं। समाजवादी पार्टी के नेता इन घटनाओं के लिए पूरे समाज को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पोस्टर में बताए गए 95 प्रतिशत मामलों में आरोपी सपा के ही नेता हैं।
उन्होंने कहा कि बाराबंकी में राजभर समाज के आइसक्रीम बेचने वाले व्यक्ति पर सपा के लोगों की ओर से हमला किया गया। वह आइसक्रीम बेच रहा था, सपा के लोगों ने आइसक्रीम खाई और जब राजभर समाज के उस व्यक्ति ने आइसक्रीम का पैसा मांगा तो सपा के लोगों ने उसकी उंगली काट दी। मऊ में हाल ही में सपा के चार नेताओं ने मिलकर राजभर समाज के व्यक्ति को गोली मार दी। मऊ के ही मधुबन में समाजवादी पार्टी के पांच नेताओं के ऊपर हत्या का आरोप है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि देवरिया, कुशीनगर में सपा के लोगों ने हमला किया। पोस्टर में 95 प्रतिशत या तो मुसलमान है या फिर यादव की ओर से हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि आजमगढ़ पार्टी का गढ़ है। सपा के इस गढ़ में एटीएस जहां भी तलाशी लेती है, उन्हें वहीं लोग मिलते हैं। ऐसा क्यों है? अगर यह समाजवादी पार्टी का गढ़ है, तो उन्हें संरक्षण कौन दे रहा है? समाजवादी पार्टी को इस बारे में जनता के सामने खुलासा करना चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कहा कि महाराज जी समाजवादी पार्टी के नेता के तौर पर काम कर रहे हैं। आप उनके बयान देख सकते हैं। आम तौर पर, संत और साधु मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के खिलाफ बयान नहीं देते। इंसान को उसी काम पर ध्यान देना चाहिए जिसमें वह लगा हो। कभी वे सीएम योगी के खिलाफ बोलते हैं, तो कभी पीएम मोदी के खिलाफ। अगर वे कोई अभियान चलाना चाहते हैं, तो ऐसा करने के लिए आजाद हैं। उन्होंने कहा कि जब आदमी मार खा जाता है तो शरण में चला जाता है।